ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर शुभ मुहूर्त और संयोग के साथ ही पंचग्रही योग भी बन रहे हैं। इस योग में भगवान शिव की पूजा से विशेष आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन चाहे कोई भी समय हो, भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।
महाशिवरात्रि पर बन रहा ये योग
इस बार धनिष्ठा नक्षत्र में परिघ योग रहेगा। धनिष्ठा के बाद शतभिषा नक्षत्र रहेगा। परिघ के बाद शिवयोग रहेगा। शिवरात्रि पर 12वें भाव में मकर राशि में पंचग्रही योग रहेगा। मंगल, शुक्र, बुध और शनि के साथ चंद्र है। लग्न में कुंभ राशि में सूर्य और गुरु की युति रहेगी। चतुर्थ भाव में राहु वृषभ राशि में जबकि केतु दसवें भाव में वृश्चिक राशि में रहेगा।
साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन की रात का पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवरात्रि की रात आध्यात्मिक शक्तियां जागृत होती हैं। शुभ काल के दौरान ही महादेव और पार्वती की पूजा की जानी चाहिए।