शहर में भाई दूज के मौके पर पुलिस प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोगों को घंटों जाम की मुसीबत का सामना करना पड़ा। आगरा-फीरोजाबाद हाईवे से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम से लोग बिलबिला उठे। वाहनों में फंसे लोग गर्मी से बेहाल हो गए। 15 मिनट की दूरी तय करने में पांच घंटे से ज्यादा का समय लगा। पुलिस व्यवस्था न होने से दिक्कत हुई। सुबह से रात तक यही हाल रहा। बसों से लेकर मरीजों को लेकर आ रहीं एंबुलेंस तक घंटों फंसी रहीं। वीवीआईपी, न्यायिक अधिकारी और नेताओं के फोन घनघनाने पर पुलिस अधिकारी सड़क पर नजर आए। मगर, उससे कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में लोग ताजनगरी को जामनगरी कहते नजर आए।
आगरा-फीरोजाबाद हाईवे पर एत्मादपुर से ही सुबह नौ बजे से जाम लगना शुरू हो गया। वहीं खंदारी चौराहा और वाटर वर्क्स चौराहे पर जाम लगना शुरू हुआ तो हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। आलम यह हो गया कि मंडी समिति और गुरुद्वारा गुरु का ताल तक वाहनों की लाइन लग गई।
इन इलाकों में भीषण जाम
- गुरुद्वारा गुरु का ताल, खंदारी, भगवान टाकीज, सुल्तानगंज पुलिया, वाटर वर्क्स चौराहा, रामबाग, एत्मादपुर, यमुना ब्रिज स्टेशन रोड, यमुना किनारा रोड, जीवनी मंडी, पालीवाल पार्क, ईदगाह, नामनेर, खेरिया मोड़, लोहामंडी, शाहगंज चौराहा, सिकंदरा चौराहा, बोदला चौराहा आदि हैं।
आईजी भी जाम मेें फंसे
रामबाग पर शाम चार बजे जाम में आईजी सुजीत पांडेय भी फंस गए। बताया गया है कि आईजी अलीगढ़ से लौट रहे थे। रामबाग पर भयंकर जाम लगा था। इसमें उनकी गाड़ी भी फंस गई। आईजी के जाम में फंसने की जानकारी पर पुलिस दौड़ पड़ी। उनकी गाड़ी को निकालने की कवायद की गई। मगर, कोई फायदा नहीं हुआ। वह तकरीबन आधा घंटे बाद निकल सके।