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ताजमहल की सुरक्षा करेगी कानपुर की जेवीपीसी कारबाइन, जानिए क्या है इस हथियार की खासियत

Sun, 18 Aug 2019 02:25 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल के रेड जोन की सुरक्षा संभाल रहे सीआईएसएफ के जवानों के हाथों में कानपुर में बनाई गई नई जेवीपीसी कारबाइन नजर आएगी। देश में सबसे पहले यह स्वदेशी कारबाइन ताजमहल की सुरक्षा के लिए जवानों को दी गई है। 
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लघु शस्त्र निर्माणी, कानपुर (एसएएफ) और एआरडीई पुणे ने ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन (जेवीपीसी) को तैयार किया है। शनिवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कमांडेंट ब्रजभूषण को 100 कारबाइन की पहली खेप कानपुर में हुए हस्तांतरण समारोह में सौंपी गई।

एसएएफ महाप्रबंधक संजय पटनायक ने सीआईएसएफ को 100 कारबाइन की पहली खेप सौंपने के बाद बताया कि एसएएफ हर साल 10 हजार कारबाइन तैयार कर सकता है। हस्तांतरण समारोह के दौरान एजीएम अजय सिंह, तुषार त्रिपाठी, ज्वाइंट जीएम आरके मीणा आदि मौजूद रहे। 
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जर्मनी, बेल्जियम की कारबाइन से बेहतर है जेवीपीसी

सीआईएसएफ कमांडेंट ब्रजभूषण को नई कारबाइन सौंपते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
डिप्टी कमांडेंट अरविंद सिंह ने कहा कि जेवीपीसी की मारक क्षमता जर्मनी और बेल्जियम की कारबाइन से बेहतर है। विदेशी कारबाइन महंगी थीं, लेकिन यह स्वदेशी और उनसे काफी बेहतर है। 

एसएफ महाप्रबंधक संजय पटनायक के मुताबिक इस कारबाइन के बाद बेल्ट फेड, लाइट मशीनगन का प्रोटोटाइप तैयार है। अक्तूबर से इसके परीक्षण शुरू हो जाएंगे। स्लाइड फोल्ड रिवॉल्वर, एनएसजी कमांडो के लिए विशेष कारबाइन बनाने का काम भी एसएएफ कर रहा है।

सीआईएसएफ कमांडेंट ब्रज भूषण ने बताया कि जेवीपीसी कारबाइन पुरानी से हल्की है। पूरी तरह स्वदेशी कारबाइन में वाहन से चलने पर गड्ढे के कारण गोली चलने की शिकायत भी इसमें नहीं है।
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