आगरा के जिला अस्पताल में शनिवार सुबह ब्लड बैंक के प्रभारी डा. नरेंद्र मोहन शर्मा और एक स्टाफ नर्स भिड़ गए। नर्स ने डाक्टर पर अश्लील हरकत, दुष्कर्म का प्रयास और बाल पकड़कर जमीन पर घसीटने का आरोप लगाया है। घटना के बाद कर्मचारी हड़ताल की चेतावनी देने लगे। एसआईसी के आश्वासन पर माने। उधर, डॉक्टर ने भी नर्स सहित चार लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
डॉ. नरेंद्र मोहन शर्मा और स्टाफ नर्स के बीच दो महीने से विवाद चल रहा है। नर्स ने डॉक्टर के खिलाफ पूर्व में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। शनिवार को दोनों भिड़ गए। नर्स का आरोप है कि वह ड्यूटी पर आई तो ड्रेस के बारे में डाक्टर से पूछा। मगर, प्रभारी ने ड्रेस अलमारी में रख दी थी।
उसने ड्रेस मांगी तो प्रभारी ने कहा कि मेरे सामने कपडे़ बदलोगी, तभी ड्रेस दूंगा। इसकी शिकायत मेट्रन के साथ एसआईसी से की। वापस ब्लड बैंक आई तो डॉक्टर ने पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। जमीन पर गिराकर दुष्कर्म का प्रयास करने लगे। शोर मचाने पर बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा। आवाज सुनकर अन्य कर्मचारियों ने बचाया।
डॉक्टर ने लगाए यह आरोप
वहीं डॉक्टर नरेंद्र मोहन का कहना है कि वो ड्यूटी पर थे। तभी नर्स, उसका पति, फार्मासिस्ट महेश बघेल और चतुर्थ श्रेणी कर्मी लाल सिंह आ गए। उन्होंने लाठी-डंडे और सरिया से हमला बोलकर लहूलुहान कर दिया। कर्मचारियों ने उन्हें बचाया।
पुलिस ने चिकित्सक का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। स्टाफ नर्स ने निष्पक्ष मेडिकल न होने का आरोप लगाते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल कराने की मांग की। इस पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उसका इलाज चल रहा है।
थाना रकाबगंज के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर पर नर्स, उनके पति, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। नर्स की तरफ से भी तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जांच के लिए कमेटी बनाने को कहा
सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने कहा कि चिकित्सक नरेंद्र मोहन शर्मा का खेरागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्टाफ नर्स का स्थानांतरण एसएन मेडिकल कॉलेज में किया है। मामले की जांच के लिए एसआइसी से कमेटी बनाने को कहा है।
स्टाफ नर्स ने डॉक्टर के खिलाफ ब्लड बैंक में रक्त की कालाबाजारी और यौन उत्पीड़न की शिकायत मुख्यमंत्री, महिला आयोग और जिलाधिकारी से की थी। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग और शासन की ओर से बनी कमेटी की जांच पूरी हो चुकी है। ब्लड बैंक में रक्त की कालाबाजारी के आरोपों की केंद्रीय औषधि टीम जांच कर रही है। पिछले दिनों टीम ने ब्लड बैंक में छापा मारा था। रजिस्टर अधूरे मिले थे।