जिला अस्पताल में सांस लेने में दिक्कत के चलते भर्ती मरीज।
मैनपुरी। ठंड के साथ जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में फेफड़ों में संक्रमण के मामले इन दिनों दिख रहे हैं, जिसके कारण विशेष सावधानी बरतने की सलाह डाॅक्टर दे रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 400 से अधिक मरीजों का उपचार दिया गया। इसमें 11 मरीजों में फेफड़े की छोटी सांस नली में संक्रमण की शिकायत पाई गई।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। ठंड तेज होने से बड़ी उम्र वालों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार तो सामान्य बीमारी हो गई है। बुजुर्गों के साथ ही बच्चे और किशोरों में फेफड़े की छोटी सांस नली संक्रमण (ब्रोंकियोलाइटिस) के मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में इससे जुड़े मरीज पिछले एक सप्ताह से पहुंच रहे हैं।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने बताया कि ठंड में छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत होती है। साथ ही ब्रोंकियोलाइटिस बीमारी भी इन दिनों पाई जा रही है। करीब एक सप्ताह से ऐसे मरीज आ रहे हैं। अब तक लगभग 30 मरीजों में यह समस्या पाई गई। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है बस उपचार शीघ्र शुरू कराने की आवश्यकता होती है।
बीमारी के लक्षण
डॉ. डीके शाक्य बताते हैं कि ब्रोंकियोलाइटिस में लक्षण पहले सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं, लेकिन फिर स्थिति काफी खराब हो जाती है। बीमारी से पीड़ित बच्चों में खांसी और सांस छोड़ते समय गले से आवाज आती है। सांस लेने में भी परेशानी होती है। त्वरित उपचार से यह एक सप्ताह में ठीक हो जाता है। ब्रोंकियोलाइटिस निमोनिया का ही एक प्रकार माना जा सकता है। यह बीमारी 10 वर्ष तक के बच्चों में अधिक पाया जाता है। फेफड़ों का संक्रमण होने से सांस नली में सूजन, जलन और कफ के निर्माण का कारण बनता है, जो वायरस संबंधित होता है।
ठंड बढ़ने से अस्पताल की ओपीडी में फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित किशोर आ रहे हैं। इन्हें जांच के बाद दवा और एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
- डाॅ. मदनलाल, सीएमएस