आगरा। सूबेदार डाल सिंह स्मृति ओपन वालीबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन मैच में शनिवार को लखनऊ की टीम ने बाघराजपुरा को 25-20, 25-22 के अंतर से हरा कर जीत दर्ज की। आजमगढ़, बाघराजपुरा एवं सैफई की टीमों ने अगले चक्र में प्रवेश किया। प्रतियोगिता के सेमी फाइनल और फाइनल मुकाबले रविवार को खेले जाएंगे।
सूबेदार डाल सिंह स्मृति ओपन वालीबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने किया और कहा कि खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के हर संभव प्रयास होंगे। उद्योगपति पीएल शर्मा ने बतौर अतिथि खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। दूसरा मैच आजमगढ़ और सैफई के बीच खेला गया। इसमें आजमगढ़ ने 20-25, 25-17, 25-19 के अंतर से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता के अगले चक्र में प्रवेश किया। तीसरे मैच में बाघराजपुरा ने अलीगढ़ को 25-16, 25-20 के अंतर से हरा कर जीत दर्ज की। चौथे मैच में सैफई ने बाह को 25-17, 25-18 के अंतर से पराजित किया। निर्णायक सर्वदमन सिंह भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह गुर्जर, अल्केन्द्र जादौन, गोपाल रहे। कमेंटेटर अतुल सिंह और रवि सिंह रहे। स्कोरिंग सौरभ और सोनू ने की। इस दौरान कर्नल गजेंद्र सिंह, मुनीम सिंह भदौरिया, पवन भदौरिया, भाव सिंह नरवरिया, सहवीर सिंह दिवाकर, रविंद्र प्रताप सिंह, बदले प्रधान, अरुण दुबे, मुकेश शर्मा, कृपा रारायन शर्मा, सम्राट पचौरी आदि रहे। आयोजन सचिव अलकेंद्र जादौन ने बताया कि प्रतियोगिता के सेमी फाइनल एवं फाइनल मैच रविवार को खेले जाएंगे।
अशिक्षित थे सूबेदार डाल सिंह, शिक्षा के लिए कर दिया जमीन का दान, कुश्ती में थे माहिर
बाह। पहले विश्व युद्ध में लड़कर जंगी अवार्ड जीतने वाले बाघराजपुरा के सूबेदार डाल सिंह कुश्ती लड़ने में माहिर थे। कर्नल गजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 1920 में उनके दांवपेच देख कर अंग्रेज अफसर दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो गए थे। अशिक्षित होने की बजह से सेवानिवृत्त कर दिया। अशिक्षा का दंश उनकी आंखों में ऐसा खटका कि गांव आकर अपनी 10 बीघा जमीन शिक्षा के लिए दान कर दी। 1954 में जनता विद्यालय की स्थापना की। जिससे गांव और आसपास के क्षेत्र का कोई बेटा और बेटी अशिक्षित न रहे। उन्होंने बताया कि स्कूल के मैदान पर ही उनकी अंत्येष्टि हुई थी। जिसे एक स्मारक के रूप में सहेजा गया है। अल्केंद्र जादौन ने बताया कि कर्नल गजेंद्र सिंह शहीदों की वीरगाथा स्मारक पर अंकित कराना चाहते हैं। गांव के लोगों ने उनकी पहल का स्वागत किया है। सूबेदार डाल सिंह के त्याग की दास्तान सुन कर प्रभावित हुई जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने उनके स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। संवाद