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कासगंजः उफान पर गंगा नदी, अब खेतों में भरने लगा पानी, जानिए कहां तक पहुंचा जलस्तर

Mon, 19 Aug 2019 12:19 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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गांवों के नजदीक पहुंचा गंगा नदी का पानी - फोटो : अमर उजाला
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गंगा में बढ़ता जलस्तर रौद्र रूप दिखाने लगा है। पानी उफान पर है। गंगा की तेज लहरें अब खेतों की ओर रुख करने लगी हैं। पानी का रुख खेतों की ओर होने से किसान चिंतित हैं। किसानों की धड़कनें बढ़ रही हैं। 
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वहीं गंगा स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा के बढ़ते जलस्तर से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन भी गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क हो गया है। बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं क्यों कि बढ़े हुए जलस्तर से मिट्टी के कच्चे बांध क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है।

पहाड़ों पर हो रही बरसात का पानी बैराजों के रास्ते कछला गंगानदी में छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बांधों पर रोक कर छोड़ा जा रहा है। जिले में लो फ्लड के हालात पिछले कई दिनों से बने हुए हैं और यह हालात अभी आगमी समय में जारी रहने की उम्मीद है।
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रविवार को हरिद्वार से करीब 30 हजार क्यूसेक पानी का दबाव और बढ़ा है। इसी तरह पानी बढने का सिलसिला जारी रहा तो निचली आबादी के इलाकों और खेत खलियानों में पानी भर जाएगा।

सहावर इलाके के गंगा किनारे के गांव उलाईखेड़ा, रामताल, नगला मेहरी, गठौरा सहित कई गांव में खेतों तक पानी की दस्तक हो चुकी है। जिससे यह पानी फसलों में पहुंच गया है। किसाना ऐसी स्थिति देख लगातार चिंतित हो रहे हैं।

उलाई खेड़ा के बिल्लू, नन्नू ठाकुर, वीरेंद्र, सत्यवीर, किशोर, उदयराम, रामनिवास, मुन्नी देवी, कालीचरन के खेतों में गंगा के पानी की दस्तक पहुंच चुकी है। यह इलाका गंगा की तलहटी के इलाके के नजदीक है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान भी काफी क्षति इस इलाके के ग्रामीणों को हुई।
 
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डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के निर्देश पर राजस्व और सिंचाई विभाग के अफसर कछला गंगा नदी के किनारे निरीक्षण को पहुंच गए हैं। जिम्मेदार अफसरों ने वहां डेरा जमा लिया है। दिन रात जलस्तर की निगरानी की जा रही है। पटियाली एसडीएम शिवकुमार और तहसीलदार तिमराज सिंह ने तराई क्षेत्र में पहुंचकर निरीक्षण किया।

अपर जिलाधिकारी योगेंद्र कुमार का कहना है कि सभी उपजिलाधिकारी और तहसीलदारों को गंगानदी के किनारे पहुंचने के निर्देश दिए हैं। पटियाली एसडीएम ने जानकारी दी है कि कुछ फसलों तक थोड़ा पानी पहुंचा है। अभी आबादी क्षेत्र में पानी पहुंचने का कोई खतरा नहीं है।

बाढ़ प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि गंगानदी की जमीन में जिन किसानों ने फसलें पैदा कर ली हैं। वही फसलें पानी में डूबी हैं। वह क्षेत्र गंगा का डूब क्षेत्र है। जलस्तर पर कड़ी निगरानी कर रहे हैं।
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