शिवानी के परिजनों ने दीपक और उसके घर वालों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद मई माह में फिरोजाबाद में एक युवती का शव मिला। जिसे शिवानी के परिजनों ने उसकी अपनी बेटी के रूप में की थी।
इसके बाद अपहरण का यह मामला हत्या में तब्दील हो गया था। दोनों ही परिवार एक दूसरे पर युवक और युवती की हत्या का आरोप लगा रहे थे। यह मामला काफी चर्चा में रहा। इस दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप भी हुआ।
तत्कालीन एसपी अखिलेश चौरसिया ने मामले की विवेचना फिरोजाबाद के जसराना से थाना सकीट में स्थानांतरित करा ली थी। इसके बाद से सकीट थाना पुलिस लगातार इस मामले की जांच कर रही थी।
दीपक और शिवानी को ले जाती पुलिस
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गुरुवार को शिवानी व दीपक को एटा लाने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने इस मामले में कई अहम जानकारी दीं। उन्होंने बताया कि दोनों बालिग हैं। दोनों शादी समारोह से साथ निकले। इसके बाद गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद वो पंजाब के भटिंडा गए और वहीं रहने लगे।
एएसपी संजय कुमार ने बताया कि प्रेमी युगल को बरामद करने में पुलिस को एक फोन काल से सुराग मिला। उन्होंने बताया कि पांच महीने से ज्यादा घर से बाहर रहने के बाद दीपक ने अपने घर पर फोन करके परिजनों से बातचीत की।
जिसमें उसने अपने आप को पंजाब के भटिंडा में होने की खबर दी थी। पुलिस ने इसी को आधार बनाकर दोनों को वहां से बरामद कर लिया। एएसपी ने बताया कि कोर्ट में दोनों के बयान के बाद ही मामले का निस्तारण किया जाएगा।
बता दें कि मई माह में फिरोजाबाद के पाडम क्षेत्र में एक युवती की गला रेता हुआ शव बरामद हुआ था। जिसकी पहचान उस समय शिवानी के परिजनों ने अपनी बेटी के रूप में की थी। शिनाख्त होने और मामले की विवेचना सकीट आने के बाद फिरोजाबाद पुलिस परेशानी से मुक्त हो गई थी।
अब शिवानी के जिंदा बरामद होने पर उस युवती की पहचान कराना फिरोजाबाद पुलिस के लिए चुनौती बन जाएगी। फिरोजाबाद पुलिस को उस समय बरामद हुई युवती की लाश की शिनाख्त कराने के लिए कवायद शुरू करनी पडे़गी।