इसे देखकर बुजुर्गो ने इसे सती का श्राप मान कर गलती के लिए क्षमा मांगी। तभी से यहां कोई महिला करवा चौथ का व्रत नहीं रखती हैं। लोगों ने मोहल्ले में सती का मंदिर बनवाया और पूजा अर्चना शुरू की। आज भी मोहल्ले के युवक शादी रचाने से पहले सती की पूजा करते हैं।
रामनगला के लोग सुरीर का पानी तक नहीं पीते हैं। मोहल्ला बघा की गुड़िया पत्नी राजू, उर्मिला पत्नी प्रेम सिंह, रोशनी पत्नी नीरज, सुनीता आदि की ये पहला करवा चौथ है। सुहाग की सलामती के लिए वे व्रत रखना चाहती थी, लेकिन ससुरालीजनों ने यहां की परंपरा के बारे में बताया तो वे श्राप के भय को सुन व्रत नहीं रखेंगी।