पिछले 15 दिनों से बीमार भगवान जगन्नाथ ने रूप से स्वस्थ होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। पट खुलते ही हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे के जाप के साथ पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
आगरा के कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को नयन उत्सव का आयोजन किया गया। श्वेत पोशाक और फूलों के श्रंगार के बीच भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु आतुर नजर आए। बृहस्पतिवार को श्रद्धालु भगवान के लिए अपनी अपनी रसोई से स्वादिष्ट व्यंजन पकाकर लाए। साथ ही मंदिर की रसोई में बने 56 प्रकार के चावल का भोग भी अर्पित किया गया।
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अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने बताया कि मंदिर की रसोई में भोग के लिए 56 प्रकार के चावल (गुड़ के चावल, गन्ने के रस में पके चावल, चीनी के चावल, फीके चावल, नमकीन चावल) आदि पकाए गए। श्रद्धालु भी अपनी-अपनी रसोई से ढोकले, कचौड़ी, पूड़ी, मठरी, पराठा, तरह-तरह की सब्जियां, रसगुल्ले, बर्फी आदि व्यंजन बनाकर लाए। पूरे मंदिर परिसर को सुगंधित पुष्पों व रंगबिरंगी रोशनी से सजाया गया। आरती के बाद भगवान की स्तुति गीत गोविंद व जगन्नाथ अष्टकम के साथ हरे रामा, हरे कृष्णा कीर्तन पर श्रद्धालु देर तक झूमते नाचते रहे।
आज बल्केश्वर से निकलेंगी श्री जगन्नाथ रथयात्रा
श्री जगन्नाथ रथयात्रा शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर से प्रारंभ होगी। बल्केश्वर व कमला नगर क्षेत्र में भ्रमण करते हुए रथयात्रा शाम को इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। नंदीघोष रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ सतरंगी पोशाक पहनकर दर्शन देंगे। भगवान की पोशाक को आगरा व वृंदावन के भक्तों ने तैयार किया है वहीं 25 फीट के नंदीघोष रथ को कलकत्ता एवं वृंदावन के कलाकारों ने सजाया है। रथयात्रा में देशी विदेशी श्रद्धालु सम्मिलित होंगे।