पीड़ित व्यापारी से पूछताछ करते एसएसपी
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मथुरा में शुक्रवार को दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाश लूट कर फरार हो गए और पुलिस सोती रह गई। लॉकडाउन के कारण चारों ओर बैरियर लगे हैं, पुलिस पिकेट तैनात हैं, फिर बदमाशों ने वारदात को कैसे अंजाम दिया ? यह वारदात पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
यमुना एक्सप्रेसवे बदमाशों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। इससे निकलने वाले कटों का इस्तेमाल बदमाश वारदात के बाद भागने के लिए करते हैं, जबकि पुलिस का दावा है कि वो इन कटों पर विशेष सुरक्षा के बंदोबस्त किए हैं।
मथुराः यमुना एक्सप्रेसवे कट पर व्यापारी से दिनदहाड़े लाखों की लूट से सनसनी
बिस्किट के थोक व्यापारी से शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई लूट के वारदात स्थल से मात्र आधा किमी दूरी पर पुलिस पिकेट मौजूद रहती है। वारदात के समय यह पिकेट नदारद थी। अगर पुलिस पिकेट मौके पर होती तो शायद बदमाशों को पीछा कर पकड़ा जा सकता था। उधर, पीड़ित व्यापारी को पुलिस चौकी बाजना पहुंचकर सूचना देने में करीब एक घंटे का समय लग गया। तब तक बदमाश भाग चुके थे।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर वारदात के लिए चिन्हित किए गए स्थानों से लेकर पूरे एक्सप्रेसवे पर पुलिस द्वारा आठ मोबाइल वाहनों का प्रयोग भी किया जा रहा है लेकिन वारदात के समय व्यापारी को एक भी मोबाइल वाहन नजर नहीं आया। एसपी देहात श्रीश चंद्र ने बताया कि वो जल्द ही एक्सप्रेसवे की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे।
साढ़े पांच से ढाई लाख हो गई लूट की रकम
वारदात के बाद पीड़ित व्यापारी ने पुलिस को लूटी गई रकम साढ़े पांच लाख बताई थी। जैसे-जैसे पुलिस की पूछताछ का दबाव पड़ता गया, व्यापारी की लूट की रकम कम होती गई। आखिर में व्यापारी ने अपनी तहरीर में मात्र ढाई लाख की रकम का जिक्र किया। लूट की आधी रकम होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
आठ घंटे खड़ा रहा था गोवंश से लदा ट्रक
विगत दिनों सुरीर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर गायों से लदा हुआ ट्रक आठ घंटे तक खड़ा रहा था। इसके बाद भी ग्रामीणों को सबसे पहले इसकी जानकारी हुई। पुलिस अधिकारियों को कहना है कि इस संबंध में जांच चल रही है। जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारी परिवार के साथ यह तीसरी वारदात
थोक व्यापारी के परिवार के साथ विगत एक वर्ष में तीसरी वारदात है। उनका कहना है कि बदमाशों द्वारा लगातार उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस कुछ कर नहीं पा रही है। पहली वारदात विगत वर्ष सितंबर में योगेश के भाई किशन चंद के साथ हुई थी।
बदमाशों ने उससे साढ़े पांच लाख की लूट की थी। विगत छह माह पूर्व थोक व्यापारी से ही भरे बाजार बदमाशों ने नकदी भरा थैला छीनने का प्रयास किया था। शुक्रवार को फिर उसके साथ लूट हुई।