लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों को एलान हो चुका है। एटा सहित आगरा मंडल की सभी लोकसभा सीटों पर दूसरे और तीसरे चरण में मतदान होगा, वहीं रविवार को चुनाव की तारीखों का एलान होने के साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई है। शहर में लगे राजनीतिक होर्डिंग और बैनर हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा लोकसभा सीट पर दूसरे चरण के तहत 18 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए अधिसूचना 19 मार्च को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 26 मार्च है। 29 मार्च तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकता है।
फिरोजाबाद, मैनपुरी और एटा लोकसभा सीट पर तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को वोटिंग कराई जाएगी। इसके लिए अधिसूचना 28 मार्च को जारी होगी। 4 अप्रैल तक प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन वापस लेने की अपनी तिथि 8 अप्रैल है।
लोकसभा चुनाव की डुगडुगी बजते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी एक्शन में आ गए हैं। आनन-फानन में रविवार को शाम होते ही मुख्य मार्गों पर लगे राजनीतिक होर्डिंग और बैनर हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही सभी अधीनस्थों आदर्श आचार संहिता का कठोरता से पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
आचार संहिता लगने के बाद कोई भी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी को बिना अनुमति के होर्डिंग-बैनर नहीं लगा सकेंगे। न ही कोई आयोजन कर सकेंगे। अब प्रत्याशियों को चुनाव संबंधी कार्य अनुमति लेकर ही करने होंगे। प्रचार में प्रयोग होने वाले वाहनों की अनुमति, सभा रैली के लिए अनुमति अनिवार्य होगी।
सामान्य नियम
- बिना अनुमति के कहीं भी होर्डिंग, पोस्टर या बैनर नहीं लगाया जा सकता।
- धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकता।
- सभा के स्थान व समय की अनुमति प्रशासन से लेनी होगी।
- इसकी पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को देनी होगी।
- सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए भी अनुमति पहले लेनी होगी।
सत्ताधारी दल के लिए नियम
- सरकार के मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे।
- सरकारी विमान और गाड़ियों का प्रयोग दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न हो।
- हेलीपैड पर सत्ताधारी दल एकाधिकार न जताए।
- सरकारी आवास और विश्राम स्थलों पर एकाधिकार नहीं होगा।
- सरकारी की योजनाओं का प्रचार सरकारी धन से नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों के लिए नियम
- शासकीय कर्मचारी किसी भी अभ्यर्थी के निर्वाचन, मतदाता या गणना एजेंट नहीं बनेंगे।
- मंत्री यदि दौरे के समय निजी आवास पर ठहरते हैं अधिकारी उनसे मिलने वहां नहीं जाएंगे।
- चुनाव कार्य से जाने वाले मंत्रियों के साथ अधिकारी नहीं जाएंगे।
- ड्यूटी के अलावा कोई अधिकारी या अन्य राजनीतिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे