सुखदेव प्रसाद वर्मा बिंदकी विधानसभा से लगातार दो बार विधायक रह चुके हैं। पहली बार सांसद का चुनाव लड़ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 1996 में जिले के सांसद बसपा के विश्वंभर प्रसाद निषाद बने, इसके बाद यह कुर्सी पिछड़ा वर्ग के हाथ में आई और फिर अभी तक यथावत है। यह जरूर है कि इस कुर्सी पर बैठने वाले पिछड़ा वर्ग नेता कभी सपा, कभी बसपा व कभी भाजपा से चुने गए। कुर्सी निषाद, पटेल व सचान के बीच ही रही।
टूटी आशाएं
पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के समय हवाईअड्डा व सीवर लाइन का प्रोजेक्ट बना था। बजट आने के बाद लौट गया। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे हरिकृष्ण शास्त्री ने छिवली से नउवाबाग को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कराया। वीपी सिंह के कार्यकाल के बाद से ऐसा ग्रहण लगा कि उद्योग बंद हो गए।
नई आशाएं
मेडिकल काॅलेज का निर्माण, केंद्रीय विद्यालय का संचालन, रेल पार्क का प्रस्तावित मसौदा, घरों में पीएनजी सप्लाई, सीएनजी पंप का निर्माण।
सांसद को पीएम बनाने तक का है तमगा
इलाहाबाद के राजा मांडा विश्वनाथ प्रताप सिंह यहीं से चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने थे। पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के बेटे हरिकृष्ण शास्त्री वाराणसी से यहां चुनाव लड़ने आए तो जनता ने उन्हें दो बार लगातार संसद भेजा। वह कैबिनेट मंत्री भी बने। यहां छह बार कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, बसपा व भाजपा सहयोगी दल दो-दो बार, भाजपा, सपा और निर्दलीय एक-एक बार चुनाव जीत चुके हैं।