अभिनेत्री से सांसद बनने का सफर हेमामालिनी को कान्हा नगरी ने तय कराया। मोदी लहर में सिनेतारिका हेमा मालिनी को ब्रज की जनता ने भारी वोटों से जिताकर सिरमौर बनाया।
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हेमा मालिनी ने इस चुनाव में गेहूं के खेतों में जाकर फसल काटी, ट्रैक्टर चलाया और किसानों संग फोटो खिंचवाए। लेकिन, 'वोटों की कटाई' में वोटर किसे 'राशि' देगा चुनाव नतीजे निर्धारित करेंगे। सपा-बसपा-रालोद गठबंधन और कांग्रेस ने यहां मुकाबले को रोचक बना दिया है।
मथुरा लोकसभा सीट पर भाजपा ने एक दशक बाद जीत हासिल की थी। इस सीट पर 1991 में स्वामी साक्षी महाराज, 1996 में चौधरी तेजवीर सिंह, 1998 के चुनाव में चौधरी तेजवीर सिंह और 1999 में चौधरी तेजवीर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी का झंडा बुलंद किया था।
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साल 2004 के लोकसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह संसद गए तो साल 2009 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल से छोटे चौधरी के नाम से मशहूर जयंत चौधरी ने बड़े अंतर से विजयश्री प्राप्त की। लेकिन, मोदी लहर में हेमा मालिनी ने 5,74,633 वोट हासिल कर सभी को पछाड़ दिया। इस चुनाव में रालोद से जयंत चौधरी 2,43,890 वोट ला सके।
इन विधानसभाओं में दारोमदार
छाता विधानसभा में कुल 3,24,533 मतदाता हैं। इस सीट पर चौधरी लक्ष्मी नारायण ने 1,17537 वोट से जीत हासिल की थी। सपा समर्थित अतुल सिंह निर्दलीय के रूप में लड़े जो चुनाव हार गए।
मांट विधानसभा में कुल 3,07,750 मतदाता हैं। बहुजन समाज पार्टी के श्याम सुंदर शर्मा ने रालोद के योगेश चौधरी को हराकर सभी को चौंका दिया था। इस चुनाव में रालोद को 65,430 वोट मिले वहीं श्याम सुंदर शर्मा ने 65,862 वोट से जीत हासिल की। यहां भारतीय जनता पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी। सतीश कुमार शर्मा बीजेपी को 59,871 मत प्राप्त हुए।
गोवर्धन विधानसभा सीट पर कुल मतदाता की संख्या 2017 के आंकड़ों के हिसाब से 2,99,067 है। यहां भाजपा के करींदा सिंह 93,538 वोट से विधायक चुने गए। उन्होंने राज कुमार रावत बीएसपी को हराया था। बसपा को यहां 60,529 मत प्राप्त हुए। वहीं रालोद के नरेंद्र सिंह 40,999 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
बल्देव सुरक्षित सीट है, यहां 3,37,025 मतदाता हैं। यहां भाजपा के पूरन प्रकाश विधायक है। पूरन प्रकाश को चुनाव में 88,411 वोट से जीत हासिल हुई। निरंजन सिंह रालोद से दूसरे स्थान पर रहे।
रालोद के निरंजन सिंह को 75,203 वोट मिले थे। बसपा के प्रेमचंद 53,539 लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। इन विधानसभाओं में मतदाता का रुख क्या रहा है, ये 23 मई को स्पष्ट होगा। लेकिन, पिछले चुनावों की तुलना में इस बार चुनाव ने जमकर सुर्खियां बंटोरी हैं।