पाकिस्तान से राजस्थान होते हुए यूपी की तरफ बढ़ रहे टिड्डी दलों से आगरा समेत 14 जिलों में फसलों को खतरा है। दौसा से आ रहा दल दो हिस्सों में बंटने के बाद अब जयपुर से 3.5 कि.मी लंबा एक नया दल शनिवार शाम ग्वालियर पहुंच गया। रविवार को इसके आगरा पहुंचने की आशंका है।
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डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि हवा के रुख पर इसका हमला निर्भर करेगा। जिले में अधिकांश फसलें कट चुकी हैं। आगरा बॉर्डर पर इसे मारने के लिए 204 ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर व 850 लीटर से अधिक कीटनाशक तैयार है। साथ ही अधिक मात्रा में आवश्यकता पड़ने पर कीटनाशक केमिकल की खरीद के लिए आकस्मिक फंड से भुगतान की इजाजत दे दी गई है। उन्होंने कहा दौसा के रास्ते आगरा आने वाला टिड्डी दल दो हिस्सों में बंटकर अन्य राज्यों की तरफ मुड़ गया है, जबकि जयपुर से आने वाला यह दूसरा नया दल है। शनिवार शाम यह ग्वालियर पहुंच गया। रविवार को ये आगरा पहुंच सकता है।
एक नहीं, तीन हैं दल
डीएम ने कहा तीन टिड्डी दल हैं। पहला दौसा तक आने के बाद दो हिस्सों में बंट गया। इसका आगरा में प्रभाव नहीं पड़ेगा। जबकि जयपुर से आ रहे नया दल से अब खतरा है। ये रविवार को आगरा पहुंच सकता है। इसके अलावा तीसरा दल भी पाकिस्तान के रास्ते अगले सप्ताह में राजस्थान पहुंच सकता है।
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ये जिले भी चपेट में... जिला प्रशासन ने आगरा समेत 14 अन्य जिलों में भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, एटा, इटावा, मैनपुरी, औरेया, झांसी, ललितपुर, महोबा, जालौन भी शामिल हैं।
40 करोड़ टिड्डी आगरा की ओर बढ़ रहीं, किसानों की नींद उड़ी
40 करोड़ टिड्डी आगरा की ओर तेजी से बढ़ रहीं हैं। यह दौसा को पार कर चुकी हैं। अभी तक का सबसे बड़ा दल है। चंद घंटे में यह कई बीघा फसल को चट कर देती हैं। इससे किसानों की नींद उड़ी हुई है। कृषि विभाग ने छिड़काव के लिए 205 ट्रैक्टर तैयार किए हैं।
अभी खेतों में बाजरा, मूंग, फल और सब्जी समेत दो लाख हेक्टेयर खेती पर विभिन्न फसलें हैं। टिड्डियों का यह दल दौसा से आ रहा है, इससे पहले आने वाला टिड्डी दल करौली से टीकमगढ़ की ओर चला गया है। दौसा को पार कर तेजी से टिड्डियां आगरा की ओर आ रहीं हैं। इतनी बड़ी तादात में टिड्डियां जिस खेत में आ गईं वहां चंद घंटे में फसल नष्ट कर देंगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि 35 से 40 करोड़ टिड्डियां हैं। किसानों को भी बचाव के लिए जागरूक किया है।
यह करें किसान
- धुआं करने से टिड्डी फसलों पर नहीं बैठतीं और आगे बढ़ जाती हैं।
- तेज आवाज से ये डरती हैं, ऐसे में ड्रम, टिन और थाली लेकर खेतों में बजाएं।
- यह दिन में ही पत्तियां खाते हैं, सुबह आठ बजे से पहले कीटनाशक का छिड़काव कराएं।