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यूपीः सॉफ्टवेयर से किसानों की ऋणमाफी, फर्जीवाड़ा रोकने का ये है फार्मूला

Tue, 04 Jul 2017 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला एटा
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बार‌िश से ग‌िरी फसल - फोटो : Amar Ujala
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किसी लघु और सीमांत किसान ने दो अलग-अलग बैंकों से एक-एक लाख रुपये कृषि ऋण लिया है, तो इस गलत फहमी में न रहें कि सरकार दोनों बैंकों का ऋण माफ करेगी।  सिर्फ एक बैंक का ही कृषि ऋण माफ होगा। सरकार ने ऋण माफी योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एक किसान, एक बैंक फार्मूला तैयार किया है। 
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जिले के 98000 किसानों का करीब 3.57 अरब अरब रुपये ऋण माफी के दायरे में हैं। मार्च 2016 से पहले एक लाख रुपये कृषि लोन लेने वाले लद्यु एंव सीमांत किसानों को पात्र माना गया है। जिला कृषि अधिकारी सर्वेश यादव ने बताया कि यदि किसान ने मार्च 2016 तक एक भी किस्त का भुगतान कर दिया तो उसे भी कर्ज माफी का फायदा मिलेगा। 

यानी किसी किसान ने एक किस्त 25 हजार रुपये जमा कर दी है और 75 हजार रुपये बकाया है तो सरकार सिर्फ 75 हजार रुपये का कर्ज माफ करेगी। शासन की गाइडलाइन के मुताबिक जिन किसानों ने दो अलग बैंकों से एक-एक लाख रुपये कृषि ऋण लिया है। उन किसानों का किसी एक बैंक का ही एक लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ होगा। 
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शासन ने ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों का सत्यापन के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी में डीएम अध्यक्ष, सचिव सीडीओ और जिला कृषि अधिकारी सह सचिव होंगे। 

फर्जीवाड़ा पकड़ेगा सॉफ्टवेयर

computer
कर्जमाफी योजना के लिए सरकार ने साफ्टवेयर तैयार किया है। जिसमें पात्र किसानों के नाम, पता और कृषि लोन की राशि फीड की जाएगी। डाटा फीड होने के बाद साफ्टवेयर बताएगा कि किसान ने किन बैंकों से कितना लोन लिया है। रिकार्ड को जिला स्तरीय कमेटी के पास भेजा जाएगा। कमेटी किसानों का सत्यापन करके सूची जिला कृषि अधिकारी के लॉग इन पर देगी। 
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तीन चरणों में माफ होगा किसानों का कर्ज

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किसानों का कृषि ऋण तीन चरणों में माफ होगा। पहले चरण में वे किसान हैं जिनके खाते से आधार लिंक हैं। दूसरे चरण में वे किसान हैं जिनका आधार लिंक नहीं है। ऐसे में किसानों को आधार लिंक कराने के लिए नोटिस भेज कर या फिर कैंप लगा कर आधार से लिंक कराया जाएगा। तीसरे चरण में वे किसान शामिल हैं जिन्होंने बैंक से कर्ज लेते वक्त भूमि का एरिया दर्ज नहीं कराया है। ऐसे किसानों का भूलेख से डाटा मैच कराया जाएगा। प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही जिला कृषि अधिकारी शासन से कर्ज माफी के लिए पैसा मांगेंगे। 
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