मूल्यांकन में कोई लापरवाही नहीं बरती गई
चीफ प्रॉक्टर डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन में कोई लापरवाही नहीं बरती है। छात्रों का ज्ञापन स्वीकार कर कुलपति ने परीक्षा समिति में मामला रखने को कहा है, लेकिन छात्र लिखित में देने पर अड़े हैं, यह संभव नहीं है।
छात्र बोले- मांगे पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी
छात्र वेदप्रकाश सिंह ने कहा कि लिखित परीक्षा दोबारा हो या फिर प्रमोट किया जाए। परीक्षा दोबारा कराई जाएं तो छात्रों से शुल्क नहीं वसूला जाए। मांगें पूरी न होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
आफताब कुरैशी ने कहा कि चार नवंबर से परीक्षाएं शुरू कराईं और 12 नवंबर को संपन्न करा दीं, आठ जनवरी को परिणाम जारी किया तो उसमें 95 फीसदी छात्र फेल हैं। ज्ञापन देकर दोबारा लिखित परीक्षा कराए जाने की मांग की तो सुनवाई नहीं हुई।
छात्रा ऊषा चिरार ने कहा कि परीक्षा ओएमआर शीट पर कराई, जबकि छात्रों को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी, कई छात्र इस पैटर्न पर परीक्षा देने के लिए तैयार भी नहीं थे।
कुमकुम आर्य ने कहा कि ओएमआर शीट के बजाय पहले की तरह दोबारा लिखित परीक्षाएं कराई जाएं, या फिर पहली-दूसरी साल की तरह हमें भी प्रमोट करते हुए पास किया जाए।