मुकदमे के बीच में वादकारी आसानी से वकील नहीं बदल सकेंगे। नए वकील का वकालतनामा लगवाने से पहले पुराने वकील से वादकारी को एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लेना होगा। एनओसी जमा होने के बाद ही अदालत में नए वकील का वकालतनामा मान्य होगा। हाईकोर्ट ने इस संबंध में एक याचिका पर आदेश जारी किया है।
मुकदमा दायर करने के बाद आमतौर पर वादकारी अपने लाभ के लिए वकील बदलते हैं। पुराने वकील की ओर से तय की गई फीस पूरी अदा न करके नए वकील का मुकदमे में वकालतनामा लगवाते हैं। इससे पुराने वकील को नुकसान होता है।
एक याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अदालत में लंबित किसी भी मुकदमे में तब तक नए वकील का वकालतनामा मान्य नहीं होगा जब तक पुराने वकील से एनओसी लेकर वादाकारी अदालत में जमा नहीं कर देगा।