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बीएड-2005 फर्जीवाड़ा: फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई का रास्ता होगा साफ, विश्वविद्यालय ने लिया यह फैसला

Fri, 01 May 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • परिषदीय स्कूलों में तैनात फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी का रास्ता होगा साफ
  • शिक्षा विभाग को कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय से नहीं कराना होगा सत्यापन
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर परिषदीय स्कूलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ होने वाला है। विश्वविद्यालय प्रशासन अगले हफ्ते 2823 उन अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर डालेगा, जिनके प्रमाणपत्रों को निरस्त घोषित कर दिया गया है। इसके बाद विभाग को इन पर कार्रवाई करने के लिए कोई सत्यापन नहीं कराना होगा।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में भी 2823 उन अभ्यर्थियों की सूची दे दी है, जिनके प्रमाणपत्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन स्तर से निरस्त घोषित कर दिया गया है। इन लोगों से संबंधित कोई रिकॉर्ड विश्वविद्यालय में नहीं है। 

सूची में शामिल अभ्यर्थियों को उनके सही होने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, इसके बाद इनके प्रमाणपत्रों को निरस्त घोषित किया गया। जिन अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों को निरस्त घोषित किया गया है उनकी सूची अगले हफ्ते विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाएगी। इसे देखकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे।

814 अभ्यर्थियों पर कमेटी लेगी निर्णय

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि आपत्तियां दर्ज कराने वाले 814 अभ्यर्थियों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। इनकी आपत्तियों की जांच के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही एसआईटी से भी मदद ली जाएगी। जिन्होंने सही साक्ष्य दिए हैं उनको छोड़कर सभी को निरस्त किया जाएगा।
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आगरा जिले में 249 शिक्षक तलाशे गए

कुलसचिव का कहना है कि फर्जी अभ्यर्थियों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डालने के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग को भी सूची उपलब्ध करा देंगे। सूची सार्वजनिक करने के बाद सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होगी। 

एसआईटी की सूची से बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात 249 शिक्षकों को चिह्नित किया है। विश्वविद्यालय की ओर से निरस्त प्रमाणपत्रों की सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग खुद मिलान कर सकेगा।
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