भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में जल्द ही शराब की 205 दुकानों पर ताले लटकने जा रहे हैं। इसके अलावा मीट की 12 दुकान भी बंद होनी हैं। इससे 275 करोड़ से ज्यादा का राजस्व राज्य सरकार के हाथ से निकल जाएगा।
योगी सरकार ब्रजभूमि में राधाकृष्ण की लीला स्थली बरसाना, नंदगांव, गोकुल, राधाकुंड, गोकुल और बलदेव को पहले ही तीर्थ स्थल घोषित कर चुकी है। अब सरकार की मंशा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा नगर निगम को भी तीर्थ स्थल घोषित करने की है।
ऐसा होने से महानगर क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाएंगे। वर्तमान में शराब की 205 दुकान हैं, जिसमें अंग्रेजी शराब की 59, मॉडल शॉप 5, बीयर की 65 तथा 76 देशी दुकान संचालित हैं। इन दुकानों से राज्य सरकार को करीब 275 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। हालांकि जनपद में शराब की दुकानों की संख्या 627 है, जिनसे 396 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होता है।
अयोध्या के साथ मथुरा में शराब और मांस की बिक्री प्रतिबंधित करने की घोषित हाल ही में कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने की है। संभावना जताई जा रही है कि इस घोषणा पर जल्द ही अमल हो सकता है।
इधर, बुधवार को मथुरा आए नगर विकास मंत्री से धार्मिक नगरी मथुरा में मांस, मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित करने के लिए अभ्युदय संस्था के बैनरतले अनुराग चतुर्वेदी, यशराज चतुर्वेदी, नीरज शर्मा, गौरव चौधरी ने ज्ञापन दिया। उत्तर प्रदेश युवा ब्राह्मण महासभा के राजेश पाठक,मुनेश गौतम, दिलीप गौतम, संजय शर्मा ने भी संपूर्ण जनपद में इस प्रतिबंध की मांग उठाई है।