मथुरा। शहर में डग्गेमार वाहनों का जोरों से चलन जारी है, ओवरलोड सवारियां भरकर जाता टेंपो।
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मथुरा। हर रोज खतरों भरा सफर कर रहे हैं हजारों लोग। टेंपो पर लटक कर जा रहे हैं। प्राइवेट बसों की छतों पर बैठ रहे। लेकिन न कोई रोकने वाला है और न को टोकने वाला है। पुलिस के सामने से ही ऐसे वाहन निकल जाते हैं।
इससे साफ है कि सब कुछ सेटिंग से चल रहा है। कहा तो यहां तक जाता है कि पुलिस का पैसा बंधा हुआ है। इस तरह की कई ऑडियो वायरल भी हो चुकी हैं।
वाकई डर लगता है देखकर भी। भूतेश्वर चौराहा पर गुरुवार को सुबह के वक्त गोवर्धन से एक प्राइवेट बस आई। इस बस की छत पर भी सवारियां थीं। यह बस 22 किलोमीटर का सफर तय करके मथुरा आ गई लेकिन पुलिस वाले आंखें मूंदे रहे। परिवहन विभाग भी सोता रहा। यह तो एक बस का जिक्र हुआ मथुरा में हर रोज इस तरह की 20 से 30 बसें गुजरती हैं जो छतों तक भरी रहती हैं।
मथुरा की सड़कों पर दौड़ने वाले टेंपो को देख लीजिए। टेंपो की क्षमता भले ही 7 सवारियों की है लेकिन 13 लोग बैठे होते हैं। ड्राइवर अपने पास ही कई कई लोगों को बैठा लेता है। आए दिन टेंपो पलटने से हादसे हो रहे हैं मगर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जब कहीं कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो जरूर अधिकारी चेकिंग करने के लिए दौड़ पड़ते हैं वरना तो खामोशी ही छाई रहती है।
ओवरलोडिंग पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जो लोग नहीं मान रहे हैं कि उनका पंजीकरण निरस्त भी किया जा रहा है।
- राजेश सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन।
सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग वाहन दौड़ते हैं गोवर्धन मार्ग पर
सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग वाहन गोवर्धन मार्ग पर दौड़ रहे हैं। यहां पचास ले भी ज्यादा प्राइवेट बसें ही दौड़ रहे हैं। लेकिन अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। ओवरलोडिंग वाहनों के पलटने से कई की मौत भी हो चुकी है। एआरटीओ के अफसर सब जानते हैं लेकिन खामोश हैं।