पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
भोगांव क्षेत्र में चार साल पहले पत्नी की हत्या कर शव लटकाया था
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव छिवकरिया में पत्नी की हत्या करके शव को फंदे से लटकाने के दोषी पति को जिला जज सुधीर कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको जेल भेज दिया है।
गांव छिवकरिया में 5 अक्तूबर 2021 की सुबह 6 बजे रामसरन की पत्नी ममता का शव फंदे से लटका मिला था। रामसरन ने गांव के ही रिंकू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रिंकू के उत्पीड़न से तंग आकर ममता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि रामसरन ने ममता की हत्या करके शव को फंदे से लटकाया है। रिंकू को फंसाने के लिए झूठी रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने रामसरन के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई जिला जज के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने रामसरन केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर रामसरन को अपनी पत्नी ममता की हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी फौजदारी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने रामसरन को कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज सुधीर कुमार ने रामसरन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
रामसरन को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
रिंकू को बरी किया गया
पुलिस ने रिंकू के खिलाफ ममता के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। मुकदमे में गवाही देने वाले गवाह रिंकू के खिलाफ लगाए गए आरोप को साबित नहीं कर सके। पुलिस के गवाह भी छेड़छाड़ के आरोप को साबित नहीं कर सके। जिला जज सुधीर कुमार ने आरोप साबित नहीं होने पर रिंकू को बरी कर दिया है।