मथुरा में सात वर्ष पूर्व हुई दहेज हत्या के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) अदालत ने पति को आजीवन कारावास और जेठ को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। केस में नामजद सास की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
28 फरवरी 2008 को कृष्णा उर्फ मोहन सिंह निवासी गांव सिहाना छाता ने अपनी बहन सुशीला की शादी आवेग व छोटी बहन भावना की शादी पूरन निवासी सेरसा फरह के साथ की थी। दोनों भाई हैं। शादी के समय नाबालिग होने के कारण भावना को बाद में गौना कर ससुराल भेजा। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि भावना का पति पूरन, सास गंगा देवी व जेठ रमेश दहेज को लेकर भावना को परेशान करने लगे। अतिरिक्त दहेज के लिए मोटरसाइकिल और दो लाख रुपये की मांग की जाने लगी।
09 जुलाई 2015 की रात करीब 11. 30 बजे भावना को पति पूरन ने मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया। जहां पर उसने मृत्यु पूर्व बयान में पति जेठ और सास पर आरोप लगाए। भाई कृष्णा ने पति पूरन, सास गंगा देवी व जेठ रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
सुनवाई एडीजे एफटीसी प्रथम पूनम पाठक ने की। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि न्यायाधीश ने पति पूरन को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया। जेठ रमेश को दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा दी है। सास गंगा देवी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।