पुलिस ने दो सगी बहनों से दुष्कर्म के मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अपहरण, दुष्कर्म की धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मजबूत साक्ष्यों व पेश गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को वारदात का दोषी पाया।
फिरोजाबाद में दो नाबालिग सगी बहनों से दुष्कर्म के जघन्य अपराध में एडीजे विशेष पॉक्सो कोर्ट-1 करुणा सिंह ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 1.4-1.4 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिग बालिकाओं के साथ ऐसे जघन्य अपराध का समाज पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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घटना 29 जनवरी 2024 की है। थाना नारखी क्षेत्र के एक गांव निवासी मजदूर की दो नाबालिग बेटियां (16 और 15 वर्ष) शाम के समय घर से गायब हो गई थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी शेरा उर्फ निखिल धोबी वाली गली, पुराना भरथना, इटावा और उसका साथी शेर सिंह निवासी कीरतपुर, रौजा, शाहजहांपुर दोनों बहनों को बहलाकर टूंडला ले गए थे और उनके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में दोनों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अपहरण, दुष्कर्म की धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मजबूत साक्ष्यों व पेश गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को वारदात का दोषी पाया।
पीड़ित बहनों को मिलेगा 2.4 लाख का मुआवजा
न्यायालय ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आदेश दिया कि दोषियों द्वारा जमा की गई अर्थदंड की राशि में से 1.2 लाख-1.2 लाख रुपये दोनों पीड़ित बहनों को क्षतिपूर्ति (प्रतिकर) के रूप में दिए जाने का फैसला भी सुनाया है।