आगरा के अपर जिला जज महेंद्र कुमार ने खेत में हिस्सा नहीं देने पर बुजुर्ग पिता की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी बेटे रमेश, दो अन्य नहना उर्फ लवकुश और रेनू पुत्र हरीशचंद को दोषी पाया। तीनों को आजीवन कारावास और 79 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड राशि में से 50 हजार रुपये वादी को दिलाने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में थाना मलपुरा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वादी चंद्रवती हैं। उन्होंने मुकदमे में कहा कि छह मई 2017 की रात 9:30 बजे वह और 65 वर्षीय पति मिठ्ठन सिंह घर में मौजूद थे। तभी रेनू आया। उसने कहा कि सबमर्सिबल का पाइप फट गया है। इस पर बाइक से पति-पत्नी खेत पर पहुंच गए।
खेत पर पहुंचते ही बरसा दीं गोलियां
खेत पर पहले से बैठे बेटे रमेश और नौकर नहना उर्फ लवकुश ने कहा कि बहुत दिनों से परेशान कर रहे हो। खेत में हिस्सा नहीं दे रहे हो। जान से मारने की धमकी दी। बेटे और नौकर ने तमंचे से ताबड़तोड़ फायरिंग की। मिठ्ठन सिंह की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी रमेश एवं नहना को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद किए थे।
तीसरे आरोपी रेनू को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीनों तभी से जेल में निरुद्ध थे। मामले की पुष्टि के लिए एडीजीसी ऋषभ जैन ने वादी सहित 11 गवाह पेश किए। कोर्ट ने आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 79 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।