विशेष लोक अभियोजक विमलेश आनंद ने पीड़िता सहित पांच गवाह और सुबूत पेश किए। अभियुक्त के अपराध को गंभीर, शर्मनाक और समाज के लिए कलंक बताते हुए कठोर से कठोर सजा की दलील दी। कोर्ट ने दोषी सौतेले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पीड़िता ने दिया बयान, गन्ने के रस में नशे का पदार्थ मिलाकर पिलाया था
केस में पीड़िता की मां वादी थीं। इसके बावजूद उन्होंने बयान दिया कि पति ने बेटी से दुष्कर्म नहीं किया। कुछ लोगों के कहने पर पति का नाम लिखा दिया था। मगर, पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि सौतेला पिता गन्ने का रस लेकर आया था। उसमें नशे का पदार्थ मिला हुआ था।
रस उसे पिला दिया, जिससे उसे नशा हो गया। इसके बाद सौतेले पिता ने हाथ-पैर चारपाई से बांध दिए और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। होश में आने पर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।