आगरा की अदालत ने आयुर्वेद डॉक्टर योगेश कुमार की हत्या के मामले में नाथबाबा उर्फ हरीओम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ने शराब के पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद लोहे की पाइप और सरिया से डॉक्टर की हत्या कर दी थी।
आगरा में आयुर्वेद डॉक्टर योगेश कुमार की हत्या के मामले में अदालत ने थाना बाह के बटेश्वर निवासी नाथबाबा उर्फ हरीओम उर्फ सुदामा उर्फ तोताराम को दोषी पाया। अपर जिला न्यायाधीश पवन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी।
थाना बाह में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, जिला इटावा के थाना जसवंत नगर क्षेत्र की कटरा खूबचंद निवासी सुनीता देवी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके जेठ योगेश कुमार आयुर्वेद डॉक्टर थे। वह बटेश्वर में पिछले दस वर्षों से सांई चिकित्सालय चलाते थे। मरीजों का आयुर्वेदिक तरीके से उपचार करते थे। आरोपी नाथबाबा उर्फ हरि ओम उनके जेठ के साथ पिछले पांच वर्षों से रह रहा था।
29 अगस्त, 2024 की देर रात आरोपी नाथ बाबा ने लोहे के पाइप और सरिया से ताबड़तोड़ प्रहार कर उनके जेठ योगेश कुमार की हत्या कर दी। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेजा था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में वादिया सहित 10 गवाह पेश किए गए। मृतक की शव परीक्षण रिपोर्ट भी पेश की गई।
झगड़ा होने पर की थी हत्या
थाना बाह के बटेश्वर निवासी नाथ बाबा उर्फ हरीओम उर्फ सुदामा उर्फ तोताराम ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि घटना वाली रात डॉक्टर ने उसे 400 रुपये शराब और नमकीन लाने के लिए दिए थे। नशे की हालत में होने पर दोनों में विवाद हो गया था। तैश में आकर आरोपी ने डॉक्टर के सिर पर लोहे की पाइप से तीन प्रहार किए थे।