अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम संजय चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त राजकुमारी को बरी कर दिया। जबकि सतीश पुत्र टीकाराम, उसके भाई चंदन, पिता टीकाराम, पड़ोसी सत्तो उर्फ सत्यभान, प्रताप पुत्रगण भाव सिंह, सुखदेव पुत्र श्यामा को दोष सिद्ध किया।
50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा
मंगलवार को अदालत ने निर्णय देते सतीश, उसके भाई चंदन, पिता टीकाराम, पड़ोसी सत्तो उर्फ सत्यभान, प्रताप पुत्रगण भाव सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया है।
एडीजीसी मुकेश गोस्वामी ने बताया कि केस की सुनवाई के दौरान अभियुक्त बिजेंद्र की प्राकृतिक मृत्यु हो गई। अदालत द्वारा दोष सिद्ध हुए छह अभियुक्तों में से सुखदेव मंगलवार को अदालत में हाजिर नहीं हुआ। अदालत ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बी वारंट जारी किया है।