मैनपुरी। ग्रामसभा की जमीन अवैध कब्जा और फर्जीवाड़े से मुक्त होने का लेखपालों को शपथपत्र देना होगा। शपथपत्र के बाद प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी। जांच में सरकारी जमीन पर कब्जा और फर्जीवाड़ा मिलने पर लेखपाल की जवाबदेही तय करके उनकेे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामसभाओं में पट्टा आवंटन के बाद कई स्थानों पर पट्टे की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने, आवंटन में लेखपालों द्वारा मनमानी पूर्वक चहेतों और बाहरी लोगों को पट्टा आवंटन करके सरकारी अभिलेखों में नाम चढ़वाने के मामले सामने आए हैं। अब लेखपालों की जवाबदेही तय करके उनसे शपथपत्र मंागा गया है। लेखपालों को तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम यह शपथपत्र देना है। इसमें बताना है उनकी ग्रामसभा में सरकारी जमीन और आवंटित की गई पट्टे की जमीन पर कोई कब्जा नहीं है। पट्टा आवंटन में फर्जीवाड़े का कोई मामला लंबित नहीं है। जो मामले हैं वह निस्तारित किए जा चुके हैं। शपथपत्र के बाद प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी।
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लेखपालों ने जमकर लगाया चूना
पट्टा आवंटन के नाम पर लेखपालों ने ग्रामसभाओं की हजारों बीघा जमीन को दूसरे स्थान पर रहने वालों के नाम कर राजस्व अभिलेखों में नाम भी दर्ज कराया गया है। कई लोग इस जमीन को दूसरे लोगों को बेच चुके हैं।
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तहसील भोगांव के गंाव अहिरवा में लेखपालों ने ग्रामसभा की लगभग एक हजार बीघा जमीन के पट्टे काट दिए। जांच में खुलासा होने के बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर दो लेखपालों सहित पांच लोगों को जेल जाना पड़ा है। एसडीएम ने ग्रामसभा की जमीन को ग्रामसभा के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया है।
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तहसील कुरावली के गांव जिरौली में लेखपाल ने ग्रामसभा की आठ सौ बीघा जमीन के पट्टे ऐसे लोगों के नाम कर दिए जो दूसरी ग्रामसभाओं के रहने वाले हैं। तहसीलदार कुरावली द्वारा गांव में लगाई गई चौपाल में इसकी पुष्टि हुई। तहसीलदार ने एसडीएम के माध्यम से अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
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ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा और पट्टा आवंटन में फर्जीवाड़ा न हो इसकी जिम्मेदारी लेखपाल की है। लेखपालों द्वारा दिए जाने वाले शपथपत्र के बाद सभी ग्रामसभाओं में जांच कराई जाएगी। जांच में कब्जा और फर्जीवाड़ा मिलने पर संबंधित लेखपाल को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजकुमार, तहसीलदार सदर