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लेखपाल घूसकांड: खतौनी में नाम बदलने के एवज में 10 लाख की घूस, कार में मिली नोटों की गड्डियां; आरोपी निलंबित

Thu, 21 Dec 2023 08:33 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

घूसकांड का आरोपी लेखपाल संघ का पूर्व जिलाध्यक्ष है। कार से  10 लाख रुपये मिलने के बाद आरोपी निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एसडीएम को विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
 
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लेखपाल घूसकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में खतौनी में नाम बदलने के एवज में 10 लाख रुपये की घूस के आरोपी लेखपाल संघ पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भीमसेन को जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी के निर्देश पर एसडीएम सदर ने निलंबित कर दिया है। डीएम ने एसडीएम को विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। निलंबन अवधि में आरोपी लेखपाल रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध रहेगा।
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तहसील में लेखपाल की तैनाती तीन साल का नियम है। सदर में चौधरी भीमसेन 10 साल से तैनात हैं। करीब 20 साल से अधिक समय तक लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष रहे। बमरौली कटारा निवासी तीन भाइयों के विवाद में खतौनी में नाम चढ़ाने के लिए 10 लाख रुपये रिश्वत के आरोप पर बुधवार रात तहसील में जमकर हंगामा हुआ। कार में 10 लाख रुपये रिश्वत की शिकायत बमरौली कटारा निवासी उमेश राणा ने दर्ज कराई थी। पांच लाख रुपये कार की डैशबोर्ड और पांच लाख रुपये कार की पिछली सीट पर एक लिफाफे में रखे थे।

शिकायतकर्ता रंगे हाथ लेखपाल को पकड़वाना चाहता था। भनक लगने पर भीमसेन तहसील में कार छोड़कर फरार हो गया। देर रात तक तहसील में ड्रामा चला। लेखपाल का पुत्र मौके पर पहुंच गया। उसने रकम अपनी होने का दावा किया था। एसडीएम, तहसीलदा व पुलिस फोर्स रात 11 बजे तक मौके पर रही। पुलिस कार को जब्त कर क्रेन की मदद से रात में थाने ले गई। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस थाने में फॉरेंसिक टीम ने कार खोली तो डैशबोर्ड व लिफाफे से 10 लाख रुपये बरामद हुए। 500-500 के नोटों की पांच-पांच गड्डियों के बंडल थे। 2.5-2.5 लाख रुपये के 4 बंडल में 10 लाख रुपये निकले हैं। बुधवार रात ही लेखपाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो चुका था।

अरबपति है लेखपाल
लेखपाल चौधरी भीमसेन को अरबपति बताया जा रहा है। एक महाविद्यालय, कोल्ड व अन्य संपत्तियां हैं। तहसील सूत्रों का कहना है कि बिल्डर व भूमाफिया से मिलकर लेखपाल ने अकूत संपत्तियां अर्जित कीं। शिकायत पर भी लेखपाल के विरुद्ध कभी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। जिस हल्के का वह लेखपाल था, उससे इतर अन्य हल्कों के बड़े मामलों को देखता था।

अधिकारी के नाम पर मोटी घूस
तहसील सूत्रों के अनुसार आरोपी लेखपाल ने मोटी घूस की रकम तहसील के बड़े अधिकारियों को बांटने के नाम पर ली होगी। कागज पर बड़े अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि इस बिंदु पर भी जांच कराई जाएगी।
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मुझे फंसाया जा रहा
लेखपाल चौधरी भीमसेन ने बताया कि 'मुझे फंसाया जा रहा है। रकम मेरे बेटे की थी। उसकी कार में रखी थी। जिन लोगों से बेटे ने रकम ली, उसके साक्ष्य मौजूद हैं। मुझे बदनाम करने के लिए साजिश रची गई है।'
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