कासगंज/पटियाली/सहावर। शासन द्वारा हड़ताल अवैध घोषित होने के बाद भी प्रदर्शन कर रहे लेखपालों पर प्रशासन ने कार्रवाई कर दी है। जिले के सभी हड़ताली लेखपालों की सर्विस ब्रेक करते हुए वेतन वृद्धि रोकी गई है, जबकि लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, जिला सचिव सहित सात लेखपाल निलंबित कर दिए हैं। कार्रवाई से लेखपालों में आक्रोश है। मांगों को लेकर जिलेभर के लेखपाल प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल पर हैं। इससे राजस्व कार्य प्रभावित है और फरियादी परेशान हो रहे हैं। मंगलवार को हड़ताल अवैध घोषित होने के बाद प्रशासन ने सभी हड़ताली लेखपालों का एक दिन का वेतन काटा।
इसके बाद भी लेखपाल काम पर नहीं लौटे हैं। अब प्रशासन और भी सख्त हो गया है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सोबेंद्र यादव, जिला सचिव सुदीप चौहान, कासगंज तहसील अध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, तहसील सचिव राकेश कुमार, पटियाली तहसील अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद, सहावर तहसील अध्यक्ष रामौतार शाक्य, तहसील सचिव शैलेंद्र कुमार को जिला प्रशासन के निर्देश पर संबंधित तहसीलदारों ने निलंबित कर दिया है। सभी हड़ताली लेखपालों की सर्विस ब्रेक कर दी है और उनका दूसरे दिन का वेतन भी काट दिया है।