आगरा में साइबर ठगों ने लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए नए-नए और शातिर तरीके ढूंढ निकाले हैं। कभी व्हाट्सएप पर फर्जी लिंक भेजकर तो कभी गैस बिल अपडेट करने के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर लोगों के बैंक खाते मिनटों में साफ किए जा रहे हैं। शहर में साइबर ठगी के चार अलग-अलग मामलों में इन अपराधियों ने 25 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर ली। इनमें पेंशनभोगियों, बैंक खाताधारकों और निवेशकों को निशाना बनाया गया। पीड़ितों ने संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पुलिस जांच कर रही है।
केस-1
पेंशन खाता वेरिफाई करने के नाम पर 8.60 लाख की ठगी
शास्त्रीनगर (खंदारी) इलाके में रहने वाले सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक सुरेंद्र सिंह चौहान और उनकी पत्नी के संयुक्त खातों से 8.60 लाख रुपये ठगे गए। पीड़ित ने बताया कि 14 अगस्त की शाम उन्हें पेंशन खाता वेरिफाई करने के लिए कॉल आई। व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से 2.50 लाख रुपये निकल गए। अगले दिन 15 अगस्त को फिर कॉल और तीन वीडियो कॉल आईं, जिससे 2.70 लाख रुपये और निकल गए। तीसरे दिन 16 अगस्त को एक और वीडियो कॉल के बाद पेंशन खाते से रकम निकाली गई। इसी दिन पत्नी के संयुक्त खाते से भी 60 हजार रुपये निकाले गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस शिकायत के आधार पर जांच कर रही है।
केस -2
बैंक खाते से चुपके से उड़े 1.45 लाख रुपये
आवास विकास कॉलोनी निवासी ब्रजमोहन का बचत खाता केनरा बैंक की बोदला शाखा में है। साइबर अपराधियों ने उनके खाते से बिना किसी ओटीपी या जानकारी के दो बार में कुल 1,44,999 रुपये उड़ा लिए। 6 जून को 99,999 रुपये और 12 जून को 45,000 रुपये निकाले गए। पीड़ित ने घटना की सूचना पहले ही बार देने के बाद थाना जगदीशपुरा में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पासबुक, बैंक स्टेटमेंट और पहचानपत्र की प्रति भी साक्ष्य के रूप में दिए हैं। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में जुटी है।
केस-3
डाउनलोड कराई एपीके फाइल, 1.32 लाख साफ
अलबतिया के अंजनीपुरम, मारुति स्टेट रोड निवासी सत्यवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि 22 अगस्त को उनके मोबाइल पर कॉल आई। ग्रीन गैस का बिल अपडेट न होने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी गई और व्हाट्सएप पर ग्रीन बिल अपडेट नाम से दो एपीके फाइलें भेजकर इंस्टॉल करने को कहा गया। फाइल इंस्टॉल होते ही उनके बैंक खाते से अलग-अलग लेनदेन के जरिये 1,32,000 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। थाना जगदीशपुरा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
केस-4
निवेश के नाम पर 14 लाख की धोखाधड़ी
फ्रीगंज निवासी नितिन जिंदल से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 14.61 लाख रुपये की ठगी हुई। उन्हें 14 अप्रैल 2025 को व्हाट्सएप के बंगलूरू हैप्पी आवर (फायर्स) ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में पहले से 73 सदस्य थे। मेहुल गोयल, शरून त्रिवेदी और फायर्स नाम के एडमिन थे। एक युवती ने भी निवेश में अधिक लाभ का झांसा दिया। 21 अप्रैल से 20 मई 2025 के बीच 12 बार में 11 खातों में उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से 14,61,500 रुपये ट्रांसफर कराए गए। रकम वापस मांगने पर बहाने बनाकर निकासी रोक दी गई। नितिन की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने साइबर ठगी से बचने के लिए कहा है कि शेयर बाजार में निवेश से पहले कंपनी और एप की विश्वसनीयता जांचें। व्हाट्सएप या सोशल मीडिया ग्रुप में अनजान लोगों के कहने पर रकम ट्रांसफर न करें। मुनाफे का लालच देने वालों से सावधान रहें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।