आगरा के सिकंदरा से 50 लाख की फिरौती के लिए अगवा किए गए फिरोजाबाद के वकील अकरम अंसारी को आठ दिन से पुलिस कभी धौलपुर तो कभी भरतपुर में तलाश कर रही है लेकिन अब तक सुराग नहीं लगा पाई है।
यह तक साफ नहीं हुआ है कि कौन से गिरोह ने अपहरण किया है। पुलिस की इस नाकामी से फिरोजाबाद के वकील गुस्से में है। आगरा में भी गुस्से की चिंगारी भड़क रही है। पुलिस अफसर उन्हें कोई ठोस आश्वासन देने की स्थिति में भी नहीं है।
अंसारी का अपहरण तीन फरवरी को किया गया था लेकिन पुलिस हरकत में आई चार को फिरौती के लिए फोन आ जाने के बाद। आगरा में चंबल बीहड़ के गिरोह लंबे समय से फिरौती के लिए अपहरण करते रहे हैं, इस कारण पुलिस का शक इन पर गया।
अपहरण के मामलों में जेल से जमानत पर छूटे 63 बदमाशों की लोकेशन निकलवाई गई। इसके आधार पर पुलिस की टीमें भरतपुर, धौलपुर में खाक छानती रहीं। अब वहां से लौट आई हैं, क्योंकि कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है जिससे केस का खुलासा हो सके। अधिकारी एक ही बात कह रहे हैं कि प्रयास किए जा रहे हैं।
अपहृत अधिवक्ता की सकुशल बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है लेकिन टीमें लगातार सुराग जुटाने में लगी हैं - बबलू कुमार, एसएसपी।
बता दें कि वकील लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। फिरोजाबाद में बार एसोसिएशन के आह्वान पर जनपद न्यायालय के साथ जिले के सभी तहसीलों के वकील बुधवार को न्यायालय परिसर में इकट्ठे हुए। अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस न्यायालय से शुरू हुआ और हाईवे होते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचा। यहां वकीलों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा। डीएम ने उन्हें भरोसा दिया कि वह अधिवक्ता की शीघ्र बरामदगी के लिए पुलिस के माध्यम से प्रयास कराएंगे।
एक करोड़ से अधिक की राजस्व हानि
सदर तहसील में हड़ताल के चलते तीन दिन में करीब एक करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। सब रजिस्टार एके जौहरी ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय तो खुले हैं। लेकिन अधिवक्ता, स्टांप बिक्री करने वालों के न बैठने के कारण कोई बैनामा कराने नहीं आ रहा है।