बंदर तो भागे नहीं, लंगूरों को ही भगाना पड़ा
सेवायतों ने कहा कि छतों पर बंदर चढ़कर उछलकूद कर रहे हैं, कहीं से कोई ईंट-पत्थर भी गिर सकता है। आखिरकार यह सलाह मानी गई और ठाकुरजी के मंदिर के आसपास से लंगूरों को हटाया गया, तभी बंदर शांत हुए और मुख्यमंत्री ने ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन किए।
घरों में कैद हुए लोग
रविवार को सीएम का काफिला जिस मार्ग से निकला, पुलिस ने उन रास्तों को रस्सों और बल्लियों से बंद कर दिया। वीआईपी मार्ग से श्रीबांकेबिहारी मंदिर तक के रास्ते में पड़ने वाले घरों के लोगों को उनके घरों में जबरन कैद कर दिया गया। दुकानों और आश्रम के शटर गिराकर लोगों को अंदर बंद कर दिया।
मुख्यमंत्री का वृंदावन कार्यक्रम आम लोगों के साथ भक्तों पर भारी पड़ा। मंदिर के पहुंच मार्गों को बंद कर दिया गया। चारों ओर से बैरिकेडिंग कर दी गई। लोग गलियों और मुख्य रास्तों पर भटकते दिखाई दिए। मुख्यमंत्री के जाने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिला।