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नजूल पर भारी रसूख: जोंस मिल प्रकरण में भूमाफिया का कारनामा, 100 करोड़ रुपये की भूमि की खुर्दबुर्द

Sun, 04 Aug 2024 12:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

गरीब और कमजोर छोडिए यहां तो नजूल पर रसूख भारी है। जोंस मिल प्रकरण में भूमाफिया ने 100 करोड़ रुपये की नजूल व सरकारी भूमि खुर्दबुर्द की। इस मामले में तीन साल से जांच अधर में है। 
 
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जोंस मिल प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नजूल भूमि को कौड़ियों के भाव फ्री-होल्ड कराने का ‘खेल’ सामने आने के बाद इसकी रोकथाम के लिए योगी सरकार नजूल एक्ट लाई है। जिसमें गरीब व कमजोर को संरक्षण देने की बात कही गई है। लेकिन, गरीब और कमजोर छोड़िए यहां तो नजूल पर रसूखदारों का कब्जा है। जोंस मिल प्रकरण में 100 करोड़ रुपये से बाजार मूल्य की नजूल भूमि भूमाफिया ने बेच दी। जिसकी जांच 3 साल से अधूरी पड़ी है।
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नजूल भूमि का रिकार्ड तक प्रशासन के पास नहीं। अंतिम बार 1858 में यानी 166 साल पहले नजूल संपत्तियों की सूची बनाने के गंभीर प्रयास हुए थे। क्षेत्रीय अभिलेखागार के रिकॉर्ड के अनुसार सन 1900 तक आगरा में 3397 एकड़ नजूल भूमि थी। ब्रिटिश काल में बड़े पैमाने पर लीज और पट्टे पर नजूल संपत्तियां शर्तों के तहत दी गई। पट्टा खत्म होने के बाद प्रशासन ने नजूल संपत्तियों पर कब्जा नहीं लिया। जिस वजह से पिछले 100 साल में बड़े पैमाने पर नजूल भूमि शहर में खुर्दबुर्द हो गई।
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वर्ष 2020 में जोंस मिल प्रकरण की जांच में 100 करोड़ रुपये की नजूल भूमि भूमाफिया की ओर से बेचने और उनसे अकूत संपत्तियां अर्जित करने का खुलासा हुआ था। जिसके बाद जोंस मिल प्रकरण की जांच ठप हो गई। हालांकि आर्थिक अपराध शाखा जांच के नाम प तीन साल से नोटिस-नोटिस खेल रही है, लेकिन तत्कालीन एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय कमेटी की जांच में नजूल संपत्तियों पर तत्काल कब्जा लेने की संस्तुुति के बावजूद शासन और प्रशासन ने जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए।

 
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