मैनपुरी। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सशक्तकरण की दिशा में पुलिस विभाग ने एक बार फिर अहम पहल की है। पुलिस बीट प्रणाली से महिला सिपाहियों को जोड़ते हुए महिला अपराधों को रोकने की कोशिश जिले में फिर शुरू हो गई हैं। बीट सिपाही गांव-गांव जाकर महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराएंगी। इस व्यवस्था से उन महिलाओं को लाभ मिलेगा जो अपनी शिकायत लेकर थाने-चौकी जाना चाहती हैं।
पुलिस विभाग में महिला पुलिस बीट की व्यवस्था वैसे तो पुरानी है, लेकिन जिले में इसे नए सिरे से लागू किया गया है। 62 महिला पुलिसकर्मियों को एसपी अशोक कुमार राय के नेतृत्व में प्रशिक्षण दिया गया है। अब यह बीट सिपाही गांव-गांव जाकर महिलाओं से जुड़ी शिकायतों को सुनेंगे। उनका निराकरण के लिए संबंधित थानों को शिकायत ट्रांसफर करेंगी। बीट सिपाही भ्रमण, संवाद और शिकायत निस्तारण तीन बिन्दुओं पर कार्य करेंगे। एसपी के अनुसार आज भी कई महिलाएं ऐसी हैं जो लोकलाज की वजह से थाने और चौकी नहीं जाना चाहती हैं। इस कारण उन्हें उत्पीड़न सहना पड़ता है। इस व्यवस्था के तहत संबंधित बीट सिपाही ऐसी महिला के घर जाकर हमदर्दी के साथ जानकारी लेकर कार्रवाई कराएंगे। बीट सिपाही संबंधित गांव के प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और परिषदीय विद्यालय के शिक्षक सहित संभ्रांत लोगों से संपर्क रखेंगे।
बीट सिपाही पर एप से रहेगी नजर
पुलिस विभाग के अधिकारी महिला बीट एप के माध्यम से बीट सिपाही पर नजर रखेंगे। एप पर पुलिस सिपाही की लोकेशन, शिकायत और शिकायत की स्थिति सहित अन्य जरूरी जानकारी होगी। कुल मिलाकर बीट सिपाही को क्षेत्र में भ्रमण के लिए जाना होगा।
महिला बीट सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब वह अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर शासन की मंशा के अनुसार काम करेंगे। महिला अपराधों को रोकना इस व्यवस्था का उद्देश्य है।
-अशोक कुमार राय, एसपी।
महिला बीट सिपाही गांव जाकर महिलाओं की शिकायतों को सुनेंगी और फिर उन्हें संबंधित थाने ट्रांसफर करके उनका निस्तारण कराएंगी। बीट सिपाही के कार्यों की निगरानी एप के माध्यम से की जाएगी।
- अमर बहादुर सिंह, सीओ सिटी।