मैनपुरी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है। मरीजों को घंटों उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को कुछ ऐसा ही नजारा जिला अस्पताल में देखने को मिला। यहां सर्जन कक्ष के बाहर दो घंटे तक मरीज परेशान रहे। आक्रोशित मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा करते हुए प्रशासनिक अधिकारी का घेराव कर लिया।
मामला सीएमएस तक पहुंचा तो सर्जन को ओटी से बुलाकर मरीजों को उपचार दिलाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी चल रही है। यहां 26 पदों के सापेक्ष मात्र 12 डॉक्टरों की तैनाती है। बुधवार को कक्ष संख्या दो के बाहर 50 से अधिक मरीज खड़े हुए थे। यहां दोपहर 11 बजे से एक बजे तक डॉक्टर नहीं थे।
जिले के दूरदराज गांव से आने वाले मरीज दो घंटे तक परेशान रहे तो उनका धैर्य जवाब दे गया। मरीजों ने यहां व्यवस्थाओं को देख रहे प्रशासनिक अधिकारी आरके सिंह को घेर लिया। मरीज हंगामा करने लगे तो आरके सिंह ने सर्जन डॉ. गौरव पारिक से मोबाइल पर बात की तब पता चला कि वे ओटी में हैं।
इसी बीच परेशान मरीज सीएमएस के कक्ष में जा पहुंचे। सीएमएस से डॉ. गौरव पारिक को बुलवाया तब कहीं दो घंटे बाद 1:15 बजे से मरीजों को उपचार मिल सका।
‘पत्नी को ठीक कराना चाहते हो तो बाहर से दवा लाओ’
जिला अस्पताल में मरीजों से बाहर से भी दवा मंगाई जा रही है। बिछवां थाना क्षेत्र के गांव विरामइपुर निवासी सत्यभान सिंह बुधवार को जिला अस्पताल में पत्नी मुन्नी देवी का उपचार कराने पहुंचे थे। यहां डॉक्टर ने उनसे बाहर से दवा मंगाई।
सत्यभान ने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि यदि पत्नी को ठीक कराना चाहते हो तो बाहर से दवा ले आओ। सत्यभान से जब डॉक्टर का नाम पूछा गया तो वो डॉक्टर का नाम नहीं बता सका।
डॉक्टर ने कहा कि यदि अपनी पत्नी को ठीक कराना चाहते हो तो अस्पताल की दवा से ठीक नहीं होगी। बाहर से दवा लाओ। इसलिए बाहर से दवा लेकर आया हूं, पत्नी मुन्नी देवी बीमार हैं।
सत्यभान, निवासी विरायमपुर बिछवां
दो घंटे से यहां बैठा हूं, उपचार नहीं मिल रहा है। डॉक्टर गायब हैं बैठे- बैठे भी थक गया हूं। जिससे पूछो वह नाराज होकर चिल्लाने लगता है। कोई कुछ नहीं बता रहा है कि डॉक्टर कब आएंगे।
भगवान सिंह, उसमानपुर भोगांव
दो घंटे से डॉक्टर के इंतजार में हूं, लेकिन डॉक्टर नहीं आए हैं। किसी दूसरे डॉक्टर से पूछो तो वो दूसरे के पास भेज देता है। कोई कुछ नहीं सुन रहा है। कम से कम ये तो बताया जाए कि डॉक्टर कितने बजे आएंगे।
शिव कुमार, सिमरई सहारा
दो घंटे से अधिक समय हो गया है, डॉक्टर अपनी सीट से गायब हैं। जिससे पूछो वह कहता है कि एक नंबर में चले जाओ। एक नंबर वाले कहते हैं कि 33 नंबर में जाओ। 33 नंबर में कोई कुछ बताने वाला नहीं है।
अमित कुमार, रतनपुर किरकिच
डॉक्टरों की कमी चल रही है। सर्जन को सप्ताह में दो दिन ऑपरेशन करने होते हैं। जब सर्जन ऑपरेशन में होते हैं तो मरीजों को देखने की व्यवस्था नहीं होती है। कई बार डॉक्टरों की कमी से विभाग को सूचना भेजी गई, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। -डॉ. आरके सिंह, सीएमएस