मैनपुरी। प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए मनरेगा पर शासन विशेष जोर दे रहा है। इसके बाद भी सचिवों की मनमानी के चलते योजना का संचालन नहीं हो पा रहा है। सात सचिवों ने जुलाई में मनरेगा के तहत काम ही नहीं कराया। इस पर परियोजना निदेशक ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते बाहर से लौटे श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार दिलाने के लिए लगातार आदेशित किया जा रहा है। इसकी मॉनीटरिंग मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया द्वारा की जा रही है। इसके बाद भी पंचायत सचिव लगातार लापरवाही कर रहे हैं। जुलाई की रिपोर्ट जब आई तो पता चला कि मनरेगा के तहत सात सचिवों ने तो कोई काम ही नहीं कराया। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीडीओ के आदेश पर परियोजना निदेशक सुरेश चंद्र मिश्रा ने सभी सचिवों को नोटिस जारी करने और प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कर अवगत कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजा है।
इसमें मैनपुरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अंजनी की सचिव कुमारी रितु, रठेरा सचिव सुखदेश कुमार, ब्लॉक जागीर के गांव अघार में तैनात सचिव अश्विन कुमार, ब्लॉक बेवर की ग्राम पंचायत बिक्कापुर में तैनात सचिव जय कुमार, पटना टिलुआ में तैनात सचिव अनिल मिश्रा और ब्लॉक घिरोर की पंचायत हिम्मतपुर में तैनात नवीन कुमार व शाहजहांपुर में तैनात सचिव मनोज गुप्ता शामिल हैं।
सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य शुरू करवाकर श्रमिकों को रोजगार देने के लिए आदेशित किया जा चुका है। इसके बाद भी लापरवाही की जा रही है। लापरवाह सचिवों पर कार्रवाई की गई है।
सुरेश चंद्र मिश्रा, परियोजना निदेशक।