श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर जहां हर घर में कान्हा के जन्मोत्सव की खुशियां मनाने की तैयारी चल रही है। वहीं बाल गृह में रह रहे 42 मासूम बच्चे अपनी यशोदा मां का इंतजार कर रहे हैं।
इनमें 16 बच्चे 10 साल तक की उम्र और 26 बच्चे 5 साल तक की उम्र के हैं। इन मासूमों की आंखें इस आस में टिकी हैं कि जन्माष्टमी के अवसर पर उन्हें किसी मां का आंचल और एक खुशहाल परिवार मिल सके। बाल गृह की अधीक्षक बेटा सिंह ने बताया कि जब भी कोई बच्चा शिशु गृह में आता है तो शुरुआती तीन महीने तक पुलिस और बाल संरक्षण विभाग के सहयोग से ऑपरेशन मुस्कान चलाकर उसके परिजन की तलाश की जाती है।
यदि तीन महीने के भीतर बच्चे के परिवार का कोई सुराग नहीं मिलता तो उसे लीगल फ्री घोषित कर केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाता है। इसके बाद बच्चे को गोद देने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होती है। दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन है। बच्चा गोद लेने की इच्छा रखने वाले अभिभावकों को आधिकारिक पोर्टल (cara.wcd.gov.in या carings.wcd.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है।
बच्चा गोद लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
वर्तमान परिवार फोटो
भावी दत्तक माता-पिता का पैन कार्ड
आयु/जन्म प्रमाण पत्र (हाईस्कूल सर्टिफिकेट)
निवास प्रमाण पत्र (आधार कार्ड/वोटर कार्ड/बिजली बिल)
आय प्रमाण पत्र (सैलरी स्लिप या आईटीआर)
एमबीबीएस डॉक्टर की ओर से जारी शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
विवाह प्रमाण पत्र (या एकल माता-पिता के संदर्भ में तलाक/मृत्यु प्रमाण पत्र)
उम्र के अनुसार पात्रता
नियमानुसार 2 वर्ष तक के बालक को गोद लेने के लिए दंपती की अधिकतम संयुक्त आयु 85 वर्ष (एकल माता/पिता के लिए 40 वर्ष) निर्धारित है।