देश के एकमात्र दीर्घविष्णु मंदिर में बुधवार को जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ परम्परागत रूप से ठाकुर श्री दीर्धविष्णु भगवान एवं पद्मालयी महालक्ष्मी मैया का पंचामृत अभिषेक किया गया।
मंदिर सेवायत महंत कान्तानाथ चतुर्वेदी एवं नगर निगम पार्षद पं.रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने अभिषेक संपन्न कराया। बुधवार प्रातः मंगला दर्शन के बाद ठाकुर जी की पूजा-अर्चना की गई।
ठाकुरजी को सुन्दर नवीन वस्त्र धारण कराए गए, सुगन्धित पुष्पों के द्वारा ठाकुरजी का श्रृंगार, पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की गयी। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर में सैनिटाइज मशीन लगाई गई है जिसमें अल्कोहल मुक्त केमिकल का प्रयोग होगा।
इस अवसर पर पं. आचार्य देव दत्त देवो पं. आचार्य बृजेंद्र नागर, दीर्धविष्णु मंदिर सेवा संस्थान सचिव बालकृष्ण, प्रबंधक लालकृष्ण , गोपाल नाथ सरदार, कमलकान्त शर्मा, मुरलीधर शास्त्री, बालकृष्ण कंठीमाला वाले, चिंटू चतुर्वेदी, भोला चतुर्वेदी, कदम पुजारी आदि ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सहभागिता की।