यशपाल ने बताया कि मां के पैर में चोट लगी थी। ऑपरेशन हुआ था। इस कारण वह सहारे से ही चल पाती थीं। उन्होंने सब्जी काटने के बाद गैस चूल्हा जलाया। सिलिंडर ने आग पकड़ ली। उसमें लीकेज था। मां की चीखें सुनकर वह लोग दाैड़े। सिलिंडर में लगी आग ने पूरी रसोई को चपेट में ले लिया था। मां बाहर नहीं आ सकीं। परिवार के लोग बाल्टी में पानी भरकर लाए। चीखपुकार सुनकर काॅलोनी के लोग भी आ गए। आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझ सकी। इस बीच दमकल भी पहुंच गई। तब तक शिवदेवी की माैत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सिलिंडर लेते समय लीकेज चेक करें
एफएसओ सागर गुप्ता ने बताया कि सिलिंडर में लीकेज हुआ था। इससे आग लगी थी। दमकल ने आग पर काबू पाया। जांच की जाएगी। लोग सिलिंडर लेते समय लीकेज जरूर चेक करें। नोजल पर पानी डालकर देख लें। अगर, बुलबुले निकलते हैं तो समझ जाएं कि लीकेज हो रहा है। ऐसे सिलिंडर को नहीं लेना चाहिए। सिलिंडर से गैस सप्लाई के लिए लगे पाइप को चेक करते रहें। अगर, चूहों से कुतर दिया है तो उसे तुरंत बदलवा दें।
माचिस जलाते ही भड़की आग
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सिलिंडर में लीकेज का पता नहीं चला। माचिस जलाते ही, उसने आग पकड़ ली। शिवदेवी को बाहर आने का माैका नहीं मिला। पैर में चोट लगी होने से चल नहीं पाती थीं। गनीमत रही कि रसोई में रखे एक और सिलिंडर ने आग नहीं पकड़ी। उसमें कम गैस बताई गई है।