एसएन मेडिकल कॉलेज में पहले किडनी ट्रांसप्लांट के लिए चुने गए तीन मरीजों में से दो को फिलहाल अनफिट घोषित कर दिया गया है। अब नए मरीजों की जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि शुरुआती 25 ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई लखनऊ की निगरानी में होंगे। दूसरी ओर, बढ़ते मरीजों के कारण डायलिसिस यूनिट की सभी मशीनें फुल चल रही हैं।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट इसी महीने शुरू होगा। इसके लिए तीन मरीजों की चिकित्सकीय जांच होने के बाद फाइल एसजीपीजीआई लखनऊ भेजी। इसमें से दो मरीजों को अनफिट घोषित कर दिया है। अब तीन नए मरीजों की चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि शुरू के 25 किडनी ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञों की निगरानी में होंगे। इसके लिए तीन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग से एनओसी भी मिल गई। इनकी फाइल लखनऊ भेजी, जिसमें एक मरीज के संक्रमित बीमारी की पुष्टि हो गई है। ऐसे में ठीक होने के बाद ही इनका ट्रांसप्लांट होगा। दूसरे मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अभी फिट नहीं बताया है।
ऐसे में इनका भी ट्रांसप्लांट फिलहाल नहीं होगा। एक मरीज ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त पाए हैं। इनके ऑपरेशन के लिए जल्द तिथि मिलेगी। ऐसे में पंजीकृत मरीजों में से तीन की चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनकी विभिन्न चिकित्सकीय जांच कराने के बाद कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद सीएमओ कार्यालय फाइल भेजी जाएगी, जहां मरीज और किडनी दाता के बयान दर्ज करने के बाद सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अनुमति दी जाएगी।
डायलिसिस यूनिट फुल, मरीजों की बढ़ी वेटिंग
एसएन में डायलिसिस की निशुल्क सुविधा है। ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे डायलिसिस यूनिट फुल चल रही है। किडनी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में रोजाना 50-60 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए रात में भी डायलिसिस की जा रही है। ऐसे में विभाग में संचालित 16 मशीनें फुल हैं। यहां दूसरे जिलों से भी डायलिसिस कराने के लिए मरीज आ रहे हैं। एक और मशीन की खरीद की तैयारी है।