आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अप्रैल के पहले सप्ताह से किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होने जा रहा है, जिसमें शुरुआती 25 सर्जरी पीजीआई लखनऊ की विशेषज्ञ टीम की निगरानी में होंगी।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा। इसके लिए ऑपरेशन थिएटर तैयार हो चुका है। स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटा) के संयुक्त निदेशक ने ट्रांसप्लांट यूनिट का निरीक्षण किया। संजय गांधी पीजीआई लखनऊ की टीम भी जल्द एसएन आएगी। टीम की निगरानी में ही पहले 25 ऑपरेशन होंगे।
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एसजीपीजीआई के हाॅस्पिटल एडिमिनिस्ट्रेशन और सोटा के संयुक्त निदेशक डॉ. हर्षवर्धन बृहस्पतिवार को एसएन पहुंचे। यहां उन्होंने कॉर्निया ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन किया। साथ ही किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट का भ्रमण कर विभागाध्यक्ष से बात की। इसमें ओटी तैयार हो चुकी है और चिकित्सक समेत तकनीकी स्टाफ को भी प्रशिक्षण मिल चुका है।
अगले महीने पीजीआई की किडनी ट्रांसप्लांट करने वाली टीम आएगी। उनकी निगरानी में शुरू के ऑपरेशन होंगे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन थिएटर और वार्ड तैयार हो गए हैं। पीजीआई की टीम किडनी ट्रांसप्लांट की जल्द तिथि तय करेगी।
आयुष्मान कार्डधारकों, मुख्यमंत्री राहत कोष योजना के लाभार्थियों और राशन कार्डधारकों का निशुल्क ट्रांसप्लांट होगा। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि अभी तक 12 मरीजों का पंजीकरण हो गया है। इनकी जांचें भी कराई जा रही हैं। इसके लिए निजी कंपनी से समझौता हुआ है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 3.50 लाख रुपये से अधिक है।
अलग ओटी होने से मिलेगी राहत
सोटा के संयुक्त निदेशक ने नेत्र रोग विभाग में कॉर्निया ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन किया। इसमें सिर्फ कार्निया ट्रांसप्लांट ही होंगे। कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ. शेफाली मजूमदार ने बताया कि विभाग में अब मोतियाबिंद, काला मोतिया समेत अन्य की सर्जरी और कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए अलग-अलग ओटी हो गई हैं। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेजों में होगी कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा
सोटा के संयुक्त निदेशक ने बताया कि नेत्रदान को बढ़ावा देने और ट्रांसप्लांट की सुविधा विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने 14 विशेषज्ञों की टॉस्क फोर्स गठित की है। इसमें एसएन की डॉ. शेफाली मजूमदार भी सदस्य हैं। अभी प्रदेश के 11 मेडिकल कॉलेज में कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा है। इसे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए टॉस्क फोर्स कॉलेजों में भ्रमण कर जरूरत को देखेगी। नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जाएगा।