कासगंज में विश्वास को तोड़ने वाले दुष्कर्म के आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम आदित्य चतुर्वेदी के न्यायालय ने बालिका को अगवा कर दुष्कर्म के आरोपी को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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घर पर अकेली छोड़ दी थी बेटी
गंजडुंडवारा क्षेत्र निवासी एक मजदूर के घर पर उसके परिचित सहावर के ताली निवासी गोलू, कमलेश एवं मीना 7 मार्च 2022 को घर पर आए। मजूदर जान पहचान होने की वजह से तीनों के भरोसे अपनी दोनों पुत्रियों को घर पर छोड़कर चला गया। इसके बाद वे उनकी 11 वर्षीय बेटी को गमी में जाने की कहकर अपने साथ बुलाकर ले गए। उसकी बड़ी बहन ने जान पहचान होने की वजह से उसे जाने दिया। जब उसके पिता काम से वापस लौटकर आए तो छोटी बेटी को घर पर न पाकर पूछतांछ की।
जब शाम तक भी बेटी वापस नहीं आई तो पिता व बहन को चिंता सताने लगी। पिता सहावर के ग्राम ताली पहुंचा। तो वहां आरोपी नहीं मिला। मामले की तहरीर आरोपियों के खिलाफ दर्ज करा दी गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। काफी प्रयास के बाद लड़की को बरामद कर लिया। पुलिस ने लड़की के बयान दर्ज कराए। वह सात माह की गर्भवती निकली। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपी गोले ने अपनी जमानत के लिए अर्जी दी। कोर्ट ने उसकी अर्जी खारिज कर दी।