झांसी से अपहृत कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल और राहुल की बदमाशों ने अपने हाथ से शेविंग बनाई। कारण यह रहा कि कोई देखे तो उन पर शक न करें। बदमाश उनके हाथ बांधकर रखते थे। उन्हें अपने हाथ से खाना खिलाते थे।
आगरा में निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में उनके लिए खाना पास के ढाबे से आता था। उनसे रोज पूछा जाता था कि जो पसंद हो बताओ, वही लाएंगे। मटर पनीर, शाही पनीर, मलाई कोफ्ता, राजमा चावल उन्हें खिलाए गए। कैलाश मेले वाले दिन भंडारे का प्रसाद भी दिया गया।
पुलिस ने बताया कि अपहरण की साजिश का ताना बाना जेल में बुना गया। आगरा जेल में बंद देवेंद्र जाट इसका सूत्रधार रहा। उसने प्लान विनोद जाट को दिया। विनोद ने इसे आगे बढ़ाया। इसमें पूरा गिरोह सादाबाद का शामिल रहा। इनमें सौरभ, जितेंद्र गंजा और लोकेंद्र भी शामिल हैं। एसटीएफ उनकी तलाश कर रही है।