अमर उजाला में छपी खबरस्कूल में फेंका गया भोजन एवं भोजन में पढ़े कीड़े साफ दिखते हुए
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खेरागढ़। विकास खंड की पंचायत पहाड़ी कलां स्थित कंपोजिट विद्यालय में छात्र,छात्राओं को दोपहर के भोजन में जिंदा कीड़ायुक्त तहरी,(खिचड़ी) परोसे जाने के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी की जांच आख्या पर प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया है। मामले की जांच जारी है। वहीं विद्यालय में सूखा राशन ग्राम प्रधान द्वारा उपलब्ध कराया जाता था।
लापरवाही इतनी कि स्कूल में 6 पुरुष,7 महिला अध्यापक एवं 5 महिला रसोईया का स्टाफ है लेकिन किसी ने भी ऐसे भोजन को लेकर कोई आपत्ति नहीं की थी।
15 अक्टूबर को पहाड़ी कलां के विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 375 बच्चों को कीड़ायुक्त भोजन परोस दिया गया था। कुछ बच्चे भोजन को लेकर घर चले गए और माता-पिता को दिखाया,दर्जनों ग्रामीण दौड़कर विद्यालय पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार जांच करने पहुंचे तो सड़ी सब्जियां और रसोई में गंदगी मिली थी। प्रधानाध्यापक ने नायब को लिखित बयान में बताया कि विद्यालय में सूखा राशन ग्राम प्रधान द्वारा सप्लाई किया जाता है।
खंड शिक्षा अधिकारी खेरागढ़ का कहना है कि जांच आख्या उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। सूखा राशन सप्लाई करने वाले ग्राम प्रधान पर पंचायत विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए जितेंद्र गौड़ ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी खेरागढ़ की जांच आख्या पर प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया है। जांच जारी है। जल्द दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।