आगरा। रामसर साइट सूर सरोवर पक्षी विहार कीठम में शुक्रवार को पक्षियों की गणना की गई। एशियन वाटर बर्ड सेंसस-25 के अंतर्गत इस गणना में इस साल कुल 3,839 जलीय पक्षी रिकॉर्ड किए गए। पिछले साल की तुलना में ये 1,509 अधिक हैं। कीठम में आए पक्षियों में 36 रोजी पेलिकन और निकट संकटग्रस्त डालमेशन पेलिकन की संख्या 2 है। इनके अलावा नई प्रजातियों लिटिल रिंग्ड प्लोवर और केन्टिश प्लोवर भी आई हैं।
सेंसस में बाॅयोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी (बीआरडीएस) के पक्षी विशेषज्ञ डाॅ. केपी सिंह के नेतृत्व में 2 समूहों के 12 विशेषज्ञ सदस्यों ने भाग लिया। 62 प्रजातियों की पहचान की गई। इनमें 36 प्रवासी और 26 स्थानीय प्रजातियां हैं।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल उत्तर प्रदेश के कोऑर्डिनेटर नीरज श्रीवास्तव के निर्देश पर हुई गणना कार्यक्रम में नेशनल चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट, वन दरोगा सुबराज सिंह, राहुल, योगेश व जितेंद्र, निधि यादव, अनुज कुमार, शमी सईद, सुनीता, अनुज परिहार, आकांक्षा, अर्पित, दीक्षा का भी सहयोग रहा।
सूर सरोवर के रेंज ऑफिसर अंकित यादव ने बताया कि घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रही जिस कारण गणना निर्धारित समय से देरी से हुई। इस कारण पक्षियों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले कम दर्ज हुई है।
संकटग्रस्त पक्षियों की 9 प्रजातियां भी नजर आईं। इनमें डालमेशन पेलिकन, रिवर टर्न, पेंटेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ब्लैक-टेल्ड गोडविट, ब्लैक-नेक्ड स्टाॅर्क, रिवर लेपविंग, ओरिएंटल डार्टर व ग्रेटर स्पॉटेड ईगल शामिल हैं। डॉ. पीके सिंह ने बताया कि यहां सबसे अधिक संख्या में नोर्दन पिनटेल 1100, बार-हेडेड गूज 1045, ग्रेट कोर्मोरेंट 878 और पाइड एवोसेट 310, नोर्दन शोवलर 270, लिटिल कोर्मोरेन्ट 230 काॅमन टील 155 रिकाॅर्ड किए गए।
डॉ. केपी सिंह ने बताया कि एशियन वाटर बर्ड सेंसस भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मान्यता प्राप्त पक्षी गणना है। इसमें दक्षिण एशियाई देशों व आस्ट्रेलिया में वेटलैंड पर निर्भर स्थानीय व प्रवासी जलीय पक्षियों की गणना की जाती है। 11 जनवरी को जोधपुर झाल और 12 जनवरी को समान पक्षी विहार मैनपुरी में पक्षियों की गणना की जाएगी।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ