महाशिवरात्रि का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इसी को लेकर तीर्थनगरी में भी भोले के भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। चहुंओर बोल बम और गंगा मईया के जयकारे लग रहे थे। लहरा गंगाघाट से लेकर शहर की सड़कों तक सिर्फ जत्थे ही जत्थे नजर आ रहे हैं। गंगाघाट की ओर आने-जाने वाले कांवड़ियों की कतार लगातार चल रही है। तीर्थनगरी और गंगाघाट का नजारा श्रद्धा के सैलाब जैसा है।
तीर्थनगरी में पिछले 8 दिन से कांवड़ मेला चल रहा है। अब तक दूर-दराज से कांवड़ भरने को आने वाले श्रद्घालु चल रहे थे, लेकिन सोमवार रात को बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाघाटों पर पहुंच चुके थे। जो सुबह होते ही अपनी कांवड़े भरकर गंतव्य की ओर चलने लगे। श्रद्धालुओं की जितनी भीड़ जल लेकर घाट से मुख्य सड़क की ओर आ रही थी। उससे कई गुना ज्यादा भीड़ गंगाघाट की ओर बढ़ रही थी।
श्रद्धालुओं ने गंगाघाट से करीब 6 से 7 किलोमीटर दूरी पर वाहन खड़े किए। घाट पर जिस तरफ भी नजर गई सिर्फ आस्था में डूबे शिवभक्त नजर आ रहे थे। घाट के बाद जब शिवभक्तों की भीड़ सड़क पर उमड़ने लगी तो दोपहर तक सिर्फ जत्थे ही जत्थे नजर आ रहे थे। हाथों में कांवड़, साथ चल रहे वाहनों पर लगे डीजे पर बजते भोले के गीत शिवभक्तों को आनंदित कर रहे थे।
साज-सज्जा का सामान खरीद रहे कांवड़िए
शिवभक्त अपनी-अपनी कांवड़ को आकर्षक बनाने के लिए तरह-तरह से साज-सज्जा करते रहे। मेले में लगीं दुकानों से उन्होंने कांवड़ की साज-सज्जा का सामान खरीदा।
केसरिया नजर आईं कई टोलियां
लहरा गंगाघाट से कांवड़ भरकर निकलने वाली टोलियों में कई टोलियां ऐसी नजर आईं जो केसरिया कपड़े पहने हुए थीं। यह टोलियां भी कांवड़ मेले में आकर्षण का केंद्र बन रहीं थीं। बाजारों में होकर ये टोलियां गुजरतीं तो लोग इन टोलियों को देखने के लिए रुक जाते।
कासगंज-सोरों मार्ग पर गुजरती कांवड़ियों की टोलियां- फोटो : KASGANJ