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कासगंज: फर्जी डिग्री मामले में शिक्षकों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने लगाई बर्खास्तगी पर रोक

Tue, 22 Oct 2019 12:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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कासगंज जिले में फर्जी डिग्री के आधार पर बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से चार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। इन चार शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश को अग्रिम सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। इन शिक्षकों की याचिका की सुनवाई अब अलीगढ़ के शिक्षकों की ओर से दायर की गई याचिका के साथ की जाएगी।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने 90 शिक्षकों को फर्जी डिग्री एवं शैक्षिक प्रपत्रों में हेरफेर के मामले में बर्खास्त किया था। यह कार्रवाई एसआईटी टीम की संस्तुति के आधार पर की गई। चार शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, सुमन चौहान, धर्मेंद्र शर्मा एवं पवन चौहान ने न्यायमूर्ति नीरज तिवारी के न्यायालय में रिट दायर कराई। 

रिट संख्या 16599 पर सोमवार को सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति ने उनके न्यायालय में चल रही अलीगढ़ के शिक्षकों की रिट याचिका 13785 से जोड़ दिया। क्योंकि दोनों याचिकाओं का एक जैसा मामला था। अब इन दोनों मामलों की सुनवाई भी एक साथ ही होगी। 
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अलीगढ़ के शिक्षकों की ओर से रिट संख्या 13785 दायर की गई। जिस पर उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया था। उसी आदेश के आधार पर इन चार शिक्षकों को राहत मिली है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के बर्खास्तगी के आदेश को अग्रिम सुनवाई तक स्थगित कर दिया गया है।

अन्य बर्खास्त शिक्षकों को बंधी उम्मीद

जिले के चार शिक्षकों को राहत मिलने के बाद अन्य शिक्षकों में भी राहत की उम्मीद जाग गई है। अन्य शिक्षकों ने भी उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। शिक्षकों ने अपने अपने साक्ष्य भी अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में पेश कर दिए हैं। अब उन्हें संबंधित तिथियों में सुनवाई के दौरान राहत की उम्मीद जाग उठी है।

आंकड़े की नजर से 
- 92 शिक्षक आए थे जांच के दायरे में।
- 90 शिक्षक किए गए थे बर्खास्त।
- 1 शिक्षक एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत कर चुका है साक्ष्य।
- 1 शिक्षक ने अभी तक नहीं दिया नोटिस का जवाब। 
 
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