कासगंज। इस वर्ष मई-जून के महीनों में जिले में बिजली की खपत ने जहां रिकॉर्ड दिया तो वहीं सर्दियों में इसकी मांग में आंशिक कमी ही आई है। 45 मिलियन यूनिट की जरूरत वाले जिले में इस बार 60 मिलियन यूनिट तक बिजली खर्च की गई तो नवंबर में 45 मिलियन यूनिट खर्च की गई। जो इस बात का प्रमाण है कि जिले के लोग बिजली बचाने के लिए जागरूक नहीं दिख रहे हैं। विभाग ने यह भी माना है कि बिजली चोरी होने के कारण खपत कम नहीं हो रही है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिजली चोरी न करें और ऊर्जा बचाएं।
विभाग ने माना कि बिजली चोरी और विद्युत चलित संसाधनों से खपत बढ़ गई। मई, जून माह में खेत प्यासे होते हैं। सिंचाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप चलते हैं और घरों में एसी, कूलर चलने के कारण बिजली की अधिक खपत होती है। वहीं, सर्दी के मौसम में लोड कम हो जाता है, लेकिन इस बार बिजली की खपत में आंशिक ही कमी आई है। नवंबर में 45 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई थी। विभाग का मानना है कि दिसंबर में भी लगभग इतनी ही खपत रहेगी।
- 6 करोड़ यूनिट बिजली मई और जून माह में हुई थी खपत।
- 4.5 करोड़ यूनिट बिजली की इस साल नवंबर माह में हुई खपत।
- 77 विद्युत फीडर हैं जिलेभर में, अधिकांश रहते हैं ओवरलोड।
- राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर हम सब को संकल्प लेना होगा कि हम सब बिजली को संरक्षित करें। बेवजह ऊर्जा का उपयोग न करें। सरकारी महकमे भी गंभीर हों। दिन में स्ट्रीट लाइटें न जलने दें। सोशल मीडिया से जागरूकता की जा रही है। पीएन प्रभाकरन, अधीक्षण अभियंता, विद्युत।